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भारत सरकार

रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)

सं.टी सी-IV 2162/02/डाँक्‍टर्स/पाँलिसी    नई दिल्‍ली, दिनांक: 21-4-2003

2003 का वाणिज्‍यिक परिपत्र सं. 30

महाप्रबंधक

सभी भारतीय रेलें

विषय:-    एलोपैथिक चिकित्‍सकों को यात्रा के आपातकाल में यात्रियों की नि:शुल्‍क चिकित्‍सा के लिये रेलगाड़ी के किराये में रियायत प्रदान करना-संशोधित अनुदेश ।

1.   2-12-2002 को अनुदान की पूरक मांगों के दौरान लोकसभा में रेल मंत्री जी द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, यात्रा के दौरान जरूरत मंद यात्रियों को चिकित्‍सा सहायता प्रदान करने के लिये, एम॰बी॰बी॰एस॰ की न्‍यूनतम अर्हता वाले एलोपैथिक डाक्‍टरों को 10 प्रतिशत की रियायत प्रदान करने के लिये रेल मंत्रालय के 17-2-2003 के समसंख्‍यक पत्र (2003 का वाणिज्‍य परिपत्र सं॰ 11) द्वारा अनुदेश जारी किए गये थे, जो उसमें निर्धारित कतिपय निबंधनों एवं शर्तों के अध्‍यधीन हैं।

2.   इस मामले की विभिन्‍न वर्गो से प्राप्‍त अभ्‍यावेदनों को ध्‍यान में रखते हुए पुनरीक्षा की गई हैं और यह विनिश्‍चय किया गया है कि रियायत प्राप्‍त करने की इस प्रक्रिया को सरल बनाया जाये। यह रियायत निम्‍नलिखित के अध्‍यधीन भारतीय रेल सम्‍मेलन कोचिंग दर सूची सं॰-25, भाग-1 (ftun-ii) में अंतर्विष्‍ट नियमों के अनुसार स्‍वीकार्य होगी।

(i)   ये रियायती टिकटें निर्धारित प्रोफाँर्मा (संलग्‍न) में वचनबंध प्रस्‍तुत करने पर और इसके साथ भारतीय चिकित्‍सा परिषद द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि लगाने पर सीधे स्‍टेशनों/आरक्षण कार्यालयों से जारी की जायेगी। संशोधित प्रोफाँर्मा की एक काँपी संलग्‍न है। चिकित्‍सकों को नि:शुल्‍क प्रोफाँर्मा की आपूति करने के लिये सभी स्‍टेशनों/आरक्षण/बुकिंग कार्यालयों में इन संशोधित प्रोफाँर्मा की पर्याप्‍त प्रतियां रखी जायें। इसे रेलों की वैब साइट में भी डाला जाये।

     (ii)  यह रियायत मेल/एक्‍सप्रेस की सभी श्रेणियों के आरक्षित सवारी डिब्‍बों में मूल किरायों में स्‍वीकार्य होगी। राजधानी/शताब्‍दी/जन शताब्‍दी गाड़ियों के मामले मे, रियायत उनके सर्व समावेशी अर्थात पूरे किराये में स्‍वीकार्य होगी। सीजन टिकटों/सरकुलर यात्रा टिकटों/विशेष गाड़ियों/सवारी डिब्‍बों में यह रियायत स्‍वीकार्य नहीं होगी। आरक्षण फीस, सुपरफास्‍ट प्रभारों आदि जैसे अन्‍य प्रभारों में कोई रियायत स्‍वीकार्य नहीं होगी।

     (iii)  यह रियायत यात्रा की बिना किसी न्‍यूनतम दूरी की शर्त तथा किसी गाड़ी में डाक्‍टरों की संख्‍या का ध्‍यान रखे बिना स्‍वीकार्य होगी।

     (iv)  जब कभी किसी डाक्‍टर को रियायत प्रदान की जाये तो आरक्षण चार्ट में इसे अवश्‍य दर्शाया जाये।

     (v)  कंडक्‍टर/चल टिकिट परीक्षक/गाड़ी अधीक्षक ऐसे डाक्‍टरों के सवारी डिब्‍बों तथा सीट/ शायिका की संख्‍या नोट करेंगे तथा आवश्‍यकता पड़ने पर चिकित्‍सा सहायता के लिये उन्‍हें बुलाएंगे। ऐसी तात्‍कालिक आवश्‍यकताओं के मामलें में गाड़ी में गार्ड/गाड़ी अधीक्षक के पास उपलब्‍ध ‘प्राथमिक उपचार बाँक्‍स’ का इस्‍तेमाल किया जाए।

3.        ये संशोधित अनुदेश 1-5-2003 से प्रभावी होंगे। चूंकि संशोधित प्रोफाँर्मा के लिए मांग की जाएगी। क्षेत्रीय रेलें यह संशोधित प्रोफाँर्मा जैसा कि उपर्युक्‍त 2 (i) में उल्‍लेख किया गया है। सभी स्‍टेशनों/आरक्षण कार्यालयों में उस तारीख तक उपलब्‍ध करवा दें। इस संबंध में मीडिया के विभिन्‍न माध्‍यम से व्‍यापक प्रचार भी किया जाये।

4         सर्व सम्‍बंधित को आवश्‍यक अनुदेश शीघ्र ही जारी किये जाएं। इसे इस मंत्रालय के वित्‍त तथा स्‍वास्‍थ्‍य निदेशालयों की सहमति से जारी किया जा रहा है। ये अनुदेश पैरा 1 में उल्‍लिखित पूर्व अनुदेशों के अधिक्रमण में है।

(आर.पी.ठाकुर)

निदेशक, यात्री विपणन

रेलवे बोर्ड

रेल यात्रा रियायत प्राप्‍त करने के लिए डाक्‍टर का घोषणा-पत्र

     मैं डा॰..................................................................भारतीय चिकित्‍सा परिषद

द्वारा जारी मेरे पंजीयन प्रमाण पत्र की फोटो प्रतिलिपि संलग्‍न कर रहा/रही हूं। मैं यात्रा के दौरान जरूरत मंद यात्रियों को चिकित्‍सा सहायता प्रदान करूंगा।

(डा॰के हस्‍ताक्षर, तारीख सहित)

आवासीय पता-

     संलग्‍नक- भारतीय चिकित्‍सा परिषद द्वारा

          जारी पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि