Final Payment on Retirement, Death and Absconding

संख्‍या सामान्‍य-3-1500/दस-14/77

प्रेषक,

श्री वन बिहारी टण्‍डन,

आयुक्‍त एवं सचिव,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

उत्‍तर प्रदेश के समस्‍त विभागाध्‍यक्ष अन्‍य प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष तथा

अन्‍य समस्‍त कार्यालयाध्‍यक्ष।

वित्‍त (सामान्‍य) अनुभाग-3 दिनांक,                          लखनऊ 17 अक्‍­बर, 1977

विषय : राज्‍य कर्मचारियों के लिये भारतीय जीवन बीमा निगम को सामूहिक बीमा योजना के अन्‍तर्गत सेवानिवृत्‍त होने अथवा सेवा से अन्‍यथा पृथक होने पर तथा/अथवा सेवारत मृत्‍यु हो जाने पर उसके लाभांशों को देय धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण।

महोदय,

शासन के सम्‍मुख यह तथ्‍य लाया गया है कि सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्‍यु की दशा में अथवा कर्मचारी की सेवानिवृत्‍ति होने पर अथवा सेवा से अन्‍यथा पृथक होने पर, जैसी भी स्‍थिति हो, से अथवा उसके लाभांशों को देय धनराशि प्राप्‍त करने में काफी कठिनाइयां हो रही हैं एवं औपचारिकतायें पूरी किये जाने में अत्‍यधिक विलम्‍ब होता है जिससे इस योजना का महत्‍व नहीं रह पाता है। शासनादेश संख्‍या सामान्‍य-3-882/दस-14/76, दिनांक 24 मई, 1976 के पैरा 5 (4) के अधीन यह सूचित किया गया था कि सेवानिवृत्‍त होने पर अथवा सेवा से अन्‍यथा पृथक होने पर पेंशन स्‍वीकृत करने वाले सक्षम अधिकारी द्वारा जीवन बीमा निगम को यह सूचना देनी होगी कि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी ने सामूहिक बीमा योजना के अन्‍तर्गत दिनांक 1 मार्च, 1976 से अथवा इसके बाद नियुक्‍ति होने पर नियुक्‍ति के दिनांक से (उस तिथि का उल्‍लेख करते हुए) अपना अभिदान निरन्‍तर रूप से दिया है। इस आधार पर भारतीय जीवन बीमा निगम उस अधिकारी/कर्मचारी को दिये जाने वाले धन का आगणन कर लेंगे और उसका भुगतान सम्‍बन्‍धित व्‍यक्‍ति को 6 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्‍याज लगाकर किया जायेगा। उपरोक्‍त दिनांक 24 मई, 1976 की राजाज्ञा के पैरा 5 (6) में सेवारत मृत्‍यु होने की दशा में मृतक अधिकारी/कर्मचारी के परिवार को बीमा धन का भुगतान करने के लिये यह प्रक्रिया निर्धारित की गयी थी कि कर्मचारी की मृत्‍यु की सूचना, मृत्‍यु का दिनांक, कार्यालय का नाम आदि का पूर्ण विवरण मृतक से सम्‍बन्‍धित कार्यालयाध्‍यक्ष/विभागाध्‍यक्ष द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को प्रेषित किया जायेगा और भारतीय जीवन बीमा निगम इन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर बीमा धनराशि तथा मृतक अधिकारी द्वारा जमा की गई वापस होने वाली धनराशि का भुगतान मृतक के परिवार को दिये गये प्रपत्र-2, तैयार किये गये थे। जो उनके द्वारा संबंधित कार्यालय को वांछित विवरण बीमा निगम को प्रस्‍तुत करने के लिये भेजे जाते हैं। अभी तक निर्धारित की गयी प्रक्रिया के अनुसार भारतीय जीवन बीमा निगम भुगतान की जाने वाली धनराशि का चेक सेवानिवृत्‍त होने वाले मृतक व्‍यक्‍ति के कार्यालयाध्‍यक्ष अथवा उसे संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी के नाम से जारी करते हैं जो इस चेक को सम्‍बन्‍धित व्‍यक्‍ति लाभार्थी के नाम पृष्‍ठांकित (endorse) कर देते हैं। अनेकों मामलों में इस प्रकार से भेजे गये चेक जीवन बीमा निगम को वापस लौटाये गये हैं क्‍योंकि कतिपय बैंकों ने सम्‍बन्‍धित व्‍यक्‍तियों के खाते में धनराशि जमा करना स्‍वीकार नहीं किया है।

2- इस मामले का महत्‍व इस योजना की कल्‍याणकारी भावना का ध्‍यान में रखते हुए शासन द्वारा इस विषय पर पुनर्विचार किया गया है। अतएव मुझे आपको यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि दिनांक 1 नवम्‍बर, 1977 से भारतीय जीवन बीमा निगम से योजना के अन्‍तर्गत भुगतान प्राप्‍त करने के लिए निम्‍नलिखित प्रक्रिया अनिवार्य रूप से अपनाई जायगी जिससे सेवानिवृत्‍त होने वाले अथवा मृतक लाभार्थी को प्राप्‍त होने वाली धनराशि उसे तुरन्‍त ही प्राप्‍त हो सके।

(1) सेवाकाल में बीमाशुदा, अधिकारी/कर्मचारी को मृत्‍यु की दशा में उसका अधिकारी/कर्मचारी के सेवानिवृत्‍त अथवा सेवा स अन्‍यथा पृथक होने पर दावा उत्‍पन्‍न होगा। दावों के भुगतान के सम्‍बन्‍ध में दावेदार संलग्‍न परिशिष्‍ट-1 तीन प्रतियों में भरकर सम्‍बन्‍धित विभागाध्‍यक्ष/आहरण एवं वितरण अधिकारी को अपने प्रभारी अधिकारी के माध्‍यम से जिसके अधीन वह सेवानिवृत्‍ति के समय अथवा सेवा से पृथक होने के दिनांक को अथवा सेवारत मृत्‍यु के दिनांक को कार्यरत था, प्रस्‍तुत करेगा।

(2) उक्‍त प्रभारी अधिकारी परिशिष्‍ट-1 में लिखे गये विवरण को दो प्रतियों में अपने अभिलेखों से पुष्‍टि करने के पश्‍चात् आहरण एवं वितरण अधिकारी विभागाध्‍यक्ष, जैसी भी स्‍थिति हो, को प्रस्‍तुत कर देगा।

(3) विभागाध्‍यक्ष, आहरण एवं वितरण अधिकारी परिशिष्‍ट-1 के आधार पर प्रत्‍येक कार्यालय से प्राप्‍त जितने भी दावे उनके कार्यालय में प्राप्‍त हुए हों, उन्‍हें संहत रूप से संलग्‍न परिशिष्‍ट-2 के पृष्‍ठ-1 में भरकर ब्रांच मैनेजर, ग्रुप इंश्‍योरेन्‍स डिपोर्टमेन्‍ट, भारतीय जीवन बीमा निगम, 30-हजरतगंज, लखनऊ को दो प्रतियों में प्रस्‍तुत करेंगे। इसके साथ ही परिशिष्‍ट-1 की भी एक प्रति भारतीय जीवन बीमा निगम को प्रस्‍तुत की जायेगी।

(4) परिशिष्‍ट-1 में प्रभारी अधिकारी को प्रस्‍तुत करने से पूर्व लाभार्थी सेवानिवृत्‍त अथवा सेवा से पृथक कर्मचारी द्वारा 20 पैसे का रसीदी टिकट लगाया जाएगा। परिशिष्‍ट-2 के पृष्‍ठ 1 के विभिन्‍न स्‍तम्‍भों में विवरण का उल्‍लेख साफ-साफ तथा सेवा अभिलेखों से सत्‍यापित करने के उपरान्‍त भरा जायगा। प्रमाण-पत्र पर दिनांक सहित हस्‍ताक्षर करके तथा अपनी मोहर लगाकर परिशिष्‍ट-2 के पृष्‍ठ-2 पर भी निर्धारित स्‍थान पर 20 पैसे का रसीदी टिकट लगाकर जिसका व्‍यय शासन द्वारा वहन होगा, तथा संबंधित कर्मचारी के अधिष्‍ठान के ‘‘कार्यालय व्‍यय’’ नामक मद के नामे डाला जायगा, दिनांक सहित हस्‍ताक्षर करके और अपनी मोहर लगाकर भारतीय जीवन बीमा निगम को अगि्रम कार्यवाही हेतु भेजेंगे। इस बारे में यह अनुरोध है कि इस प्रपत्र मे सभी सूचनायें पूर्ण हो जायें ताकि उनमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि अथवा कमी न रहे।

(5) भारतीय जीवन बीमा निगम परिशिष्‍ट-1 की एक प्रति तथा परिशिष्‍ट-2 की दो प्रतियां प्राप्‍त होने पर दावेदारों लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि परिशिष्‍ट-2 के पृष्‍ठ-2 पर अंकित करेंगे और प्रत्‍येक दावेदार लाभार्थी को दी जाने वाली धनराशि के लिये जारी किये गये चेक/चेकों सहित, उनकी संख्‍या तथा दिनांक को भी अंकित करके परिशिष्‍ट-2 की एक प्रति सम्‍बन्‍धित विभागाध्‍यक्ष आहरण एवं वितरण को वापस लौटायेंगे। भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा सेवानिवृत्‍त होने की दशा में धनराशि प्राप्‍त करने वाले लाभार्थी के नाम से चेक जारी किये जायेंगे जो Account Payee होंगे ताकि उनका भुगतान वास्‍तविक व्‍यक्‍ति के अतिरिक्‍त किसी अन्‍य व्‍यक्‍ति को किये जाने की संभावना न रहे।

(6) विभागाध्‍यक्ष आहरण एवं वितरण अधिकारी की यह व्‍यक्‍तिगत जिम्‍मेदारी होगी कि वे संबंधित व्‍यक्‍ति को जीवन बीमा निगम से प्राप्‍त चेक दिये जाने की तुरन्‍त एवं शीघ्रता से कार्यवाही करेंगे।

3- मुझे आपसे यह भी कहने का निदेश हुआ है कि यह सुनिश्‍चित कर लिया जाये कि उपरोक्‍त प्रक्रिया के अनुसार दावों का भुगतान करने में अब विलम्‍ब न होने पायें।

भवदीय,

वन बिहारी टण्‍डन,

आयुक्‍त एवं सचिव।