स्‍पष्‍टीकरण-2

संख्‍या-वे.आ.-2-798/दस-62(एम)/2008

प्रेषक,

वृन्‍दा सरूप,

प्रमुख सचिव, वित्‍त,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

(1) समस्‍त प्रमुख सचिव/सचिव, उत्‍तर प्रदेश शासन।

(2) समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष, उत्‍तर प्रदेश।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-2                               लखनऊ : दिनांक : 30 मई, 2011

विषय- वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर लिये गये निर्णयानुसार राज्‍य कर्मचारियों के लिए सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण।

महोदय,

     वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर राज्‍य सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्‍न वर्गों के कर्मचारियों के लिये पुनरीक्षित वेतन संरचना में समयमान वेतनमान/ ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था, शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-561/दस-62(एम)/2008 दिनांक 04 मई, 2010 द्वारा लागू की गयी है। उक्‍त शासनादेश की व्‍यवस्‍थानुसार ए.सी.पी. स्‍वीकृत किये जाने के संबंध में शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-3012/दस-62(एम)/2008 दिनांक 29 सितम्‍बर, 2010 द्वारा प्रथम स्‍पष्‍टीकरण निर्गत किया गया है। उपर्युक्‍त शासनादेश दिनांक 04 मई, 2010 के प्रस्‍तर-1(2)(प)(ख) की व्‍यवस्‍था के सम्‍बन्‍ध में विभिन्‍न विभागों द्वारा अनुभव की जा रही किठनाइयों के संबंधा में स्‍पष्‍टीकरण की अपेक्षा की गयी है।

     उक्‍त के क्रम में प्राप्‍त संदर्भों के आधार पर निम्‍नानुसार स्‍थिति स्‍पष्‍ट करते हुए आपसे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया निम्‍नलिखित स्‍पष्‍टीकरण के आधार पर संबंधित कार्मिकों को ए.सी.पी. की सुविधा अनुमन्‍य की जाए और यदि इस विषय में कोई त्रुटि हुई हो तो उसके निराकरण की कार्यवाही की जाय:-

स्‍पष्‍टीकरण का बिन्‍दु

स्‍पष्‍टीकरण

ऐसे पदधारक जिन्‍हें दिनांक 01-12-2008 से द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन 18 वर्ष या अधिक की सेवा पर अनुमन्‍य होता है, उन्‍हें तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ कब अनुमन्‍य होगा।

ऐसे पदधारक जिन्‍हें दिनांक 01-12-2008 से द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन 18 वर्ष या अधिक की सेवा पर अनुमन्‍य होता है, उन्‍हें द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन में 08 वर्ष की सेवा अथवा 26 वर्ष की कुल सेवा, जो भी पहले हो, पूर्ण करने पर तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ देय होगा। 26 वर्ष की कुल सेवा की गणना दिनांक 01-12-2008 को धारित उस पद से की जायेगी जिस पद के संदभर् में उसे समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत प्रथम पदोन्‍नतीयह अगला वेतनमान/सेलेक्‍शन ग्रेड का लाभ अनुमन्‍य हुआ है।

भवदीय,

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव।