संख्‍या-वे.आ.--1097/दस-11-36(एम)/08

प्रेषक,

वृन्‍दा सरूप,

प्रमुख सचिव, वित्‍त विभाग,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

(1) समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष, उत्‍तर प्रदेश।

(2) वित्‍त अधिकारी/ कुल सचिव, समस्‍त राज्‍य विश्‍वविद्यालय, उत्‍तर प्रदेश।

(3) शिक्षा निदेशक (उच्‍च शिक्षा)/शिक्षा निदेशक, उत्‍तर प्रदेश, इलाहाबाद/लखनऊ।

(4) निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, उत्‍तर प्रदेश, कानपुर।

(5) निदेशक, स्‍थानीय निकाय, उत्‍तर प्रदेश, 8वां तल, इन्‍दिरा भवन, लखनऊ।

(6) समस्‍त जिलाधिकारी/अध्‍यक्ष, जिला पंचायतें, उत्‍तर प्रदेश।

(7) निदेशक, पंचायती राज, उत्‍तर प्रदेश लखनऊ।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-1                                      

लखनऊ: दिनांक: 19 अक्‍­बर, 2011

विषय :- राज्‍य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों और सहायता प्राप्‍त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्‍थाओं व स्‍थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा कैजुअल दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2010-11 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस का भुगतान।

पिठत: निम्‍नलिखित :-

(1) शासनादेश संख्‍या- वे.आ.-1-1283/दस-2010-36(एम)/08, दिनांक 20 अक्‍­बर, 2010

(2) भारत सरकार, वित्‍त मंत्रालय, व्‍यय विभाग, कार्यालय ज्ञापन संख्‍या-7/24/2007/संस्‍था-प्‍प्‍प्‍(क) दिनांक 13 सितम्‍बर, 2011

महोदय,

    उत्‍पादकता से जुड़ी किसी भी बोनस योजना के अन्‍तर्गत न आने वाले उपर्युक्‍त श्रेणी के कर्मचारियों के लिए बोनस की विस्‍तृत योजना के अभाव में उक्‍त शासनादेश दिनांक 20 अक्‍­बर, 2010 द्वारा राज्‍य कर्मचारियों व सहायता प्राप्‍त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्‍थाओं व स्‍थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा कैजुअल/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2009-2010 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस भुगतान के आदेश जारी किये गये थे।

2- भारत सरकार द्वारा केन्‍द्रीय सरकार के कर्मचारियों को उपर्युक्‍त क्रम संख्‍या-(2) पर उल्‍लिखित कार्यालय ज्ञाप दिनांक 13 सितम्‍बर, 2011 द्वारा वर्ष 2010-2011 के लिए 30 दिन की परिलब्‍धियों के बराबर तदर्थ बोनस की स्‍वीकृति के आदेश जारी किये गये हैं।

3- उपर्यक्‍त क्रम संख्‍या (1) पर उल्‍लिखित शासनादेश दिनांक 20 अक्‍­बर, 2010 के क्रम में राज्‍यपाल महोदय इस प्रदेश के समस्‍त पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्‍य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा राज्‍य निधि से सहायता प्राप्‍त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्‍थाओं, स्‍थानीय निकायों और जिला पंचायतों के ऐसे कर्मचारियों, जिनके द्वारा धारित पद अधिकतम ग्रेड वेतन रु. 4800/- (पूर्ववती अपुनरीक्षित वेतनमानों में जिनके वेतनमान का अधिकतम रु. 13500 से कम है) में है, को वर्ष 2010-2011 के लिए तदर्थ बोनस के रूप में 30 दिन की परिलब्‍धियों की सहर्ष स्‍वीकृति निम्‍नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्‍धों के अधीन प्रदान करते हैं:-

(1) नई वेतन संरचना के अंतर्गत ग्रेड वेतन रु. 4800/- तक के पद (पूर्ववती अपुनरीक्षित वेतनमानों में जिनके वेतनमान का अधिकतम रु. 13500 से कम है) पर कार्यरत ऐसे अराजपत्रित कर्मचारियों, जिन्‍हें उपरोक्‍त ग्रेड वेतन/वेतनमान से उच्‍च ग्रेड वेतन अथवा वेतनमान समयमान वेतनमान अथवा वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य हुआ हो और उनकी प्रास्‍थिति (स्‍टेटस) में परिवर्तन न हुआ हो, को भी तदर्थ बोनस अनुमन्‍य होगा।

(2) उक्‍त सुविधा केवल उन कमचारियों को अनुमन्‍य होगी, जिन्‍होंने दिनांक 31 मार्च, 2011 को एक वर्ष की निरन्‍तर सेवा पूरी कर ली थी।

(3) तदर्थ बोनस के लिए एक माह में औसत दिनों की संख्‍या-304 के आधार पर दिनांक 31 मार्च, 2011 को ग्राह्य परिलब्‍धियों के अनुसार 30 दिन की परिलब्‍धियाँ आगणित की जायेंगी।

(4) दिनांक 31 मार्च, 2011 को वास्‍तविक औसत परिलब्‍धियाँ रु. 3500/- से ज्‍यादा होने की स्‍थिति में रु. 3500/- की परिकल्‍पित परिलब्‍धि मान कर दिनांक 31 मार्च, 2011 को 30 दिन की परिलब्‍धियाँ (रु. 3500 ग 30/30.4 =3453.95) अर्थात रु. 3454/- तदर्थ बोनस के रूप में अनुमन्‍य होगी।

(5) ऐसे कर्मचारी, जिनके विरूद्ध अनुशासन एवं अपील नियमावली के अंतर्गत विभागीय अनुशासनात्‍मक कार्यवाही अथवा किसी न्‍यायालय में आपराधिक मुकदमा लम्‍बित हो, को तदर्थ बोनस का भुगतान, ऐसी अनुशासनात्‍मक कार्यवाही अथवा मुकदमें का परिणाम प्राप्‍त होने तक स्‍थगित रहेगा, जो दोषमुक्‍त होने की दशा में ही अनुमन्‍य होगा। इसके अतिरिक्‍त जिन कर्मचारियों को वर्ष 2010-2011 में किसी विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही अथवा आपराधिक मुकदमें में दण्‍ड दिया गया हो, उन्‍हें तदर्थ बोनस देय न होगा।

(6) किसी वित्‍तीय वर्ष के तदर्थ बोनस के संबंध में एक बार निर्णय ले लिये जाने के पश्‍चात आगामी वर्षों में किसी भी परिस्‍थिति में पुर्नविचार नहीं किया जायेगा।

(7) इन आदेशों द्वारा स्‍वीकृत तदर्थ बोनस की आगणित धनराशि को निकटतम एक रूपये में पूर्णाकित किया जायेगा अर्थात 50 पैसे या उससे अधिक को एक रूपया मानकर और उससे कम को शामिल न करते हुए पूर्णांकित किया जायेगा।

4- कैजुअल/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, जिन्‍होंने दिनांक 31 मार्च, 2011 को तीन वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक लगातार कार्य किया हो और प्रत्‍येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्यरत रहे हो, को भी यह सुविधा अनुमन्‍य होगी। ऐसे पूर्णकालिक कर्मचारियों को भी, जिन्‍होंने दिनांक 31 मार्च, 2011 तक एक वर्ष निरन्‍तर सेवा पूरी नहीं की है, परन्‍तु उक्‍त तिथि तक कैजुअल/दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में (दोनों अवधियों को सम्‍मिलित करते हुए) तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक लगातार कार्य किया हो और प्रत्‍येक वर्ष कम से कम 240 दिन कार्यरत रहे हों, यह सुविधा अनुमन्‍य होगी। ऐसे मामले में संबंधित कर्मचारी के लिये मासिक परिलब्‍धियां रु. 1200/- प्रतिमाह मानी जायेगी और इस प्रकार तदर्थ बोनस की देय धनराशि रु. 1200 ग 30/30.4 = 1184.21 अर्थात 1184/- पूर्णांकित होगी, परन्‍तु ऐसे कर्मचारी जिनकी वास्‍तविक परिलब्‍धियां रु. 1200/- प्रतिमाह से कम है उन्‍हें तदर्थ बोनस की धनराशि उनकी वास्‍तविक मासिक परिलिब्‍धयों के आधार पर आगणित की जायेंगी।

5- सभी श्रेणी के कर्मचारियों, जिन्‍हें उक्‍त सुविधा अनुमन्‍य है, को तदर्थ बोनस की अनुमन्‍य धनराशि का 50 प्रतिशत भाग संबंधित कर्मचारी के भविष्‍य निधि खाते में जमा किया जायेगा तथा शेष 50 प्रतिशत धनराशि का नकद भुगतान किया जायेगा। यदि कोई कर्मचारी भविष्‍य निधि खाते का सदस्‍य नहीं है तो उसे उक्‍त धनराशि नेशनल सेविंग सर्टीफिकेट (एन.एस.सी.) के रूप में दी जायेगी। जो कर्मचारी अधिवर्षता की आयु पर दिनांक 31 मार्च, 2011 के बाद सेवानिवृत्‍त हो चुके हैं अथवा दिनांक 30 अप्रेल, 2012 तक सेवानिवृत्‍त होने वाले हों, उनको अनुमन्‍य तदर्थ बोनस की सम्‍पूर्ण धनराशि का भुगतान नकद किया जायेगा।

6- बोनस के भुगतान से संबंधित शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-1-120/दस-1(एम)/84, दिनांक 18 जनवरी, 1984 के प्रस्‍तर-1(7), 5 तथा 6 में उल्‍लिखित शर्तें एवं प्रतिबन्‍ध इस शासनादेश द्वारा स्‍वीकृत तदर्थ बोनस के विषय में भी यथावत लागू रहेंगे।

7- उक्‍त स्‍वीकृत तदर्थ बोनस के आय-व्‍ययक के उसी लेखा शीर्षक के नामे डाला जायेगा जिससे संबंधित कर्मचारियों के वेतन व्‍यय को वहन किया जाता है तथा उसे मानक मद ''वेतन'' के अन्‍तर्गत पुस्‍तांकित किया जायेगा।

भवदीया,

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव।