संख्‍या-वे.आ.-2-2104/दस-62(एम)/2008टी.सी.

प्रेषक,

वृन्‍दा सरूप,

प्रमुख सचिव,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

(1) समस्‍त प्रमुख सचिव/सचिव, उत्‍तर प्रदेश शासन।

(2) समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष, उत्‍तर प्रदेश।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-2                              लखनऊ : दिनांक : 22 दिसम्‍बर, 2011

विषय:- वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर राज्‍य कर्मचारियों के लिये लागू सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की व्‍यवस्‍था के संशोधन/स्‍पष्‍टीकरण के संबंध में।

महोदय,

      वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर लिये गये निर्णयानुसार राज्‍य कर्मचारियों के लिए सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की व्‍यवस्‍था का प्राविधान शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-561/दस-62(एम)/2008, दिनांक 04 मई, 2010 द्वारा किया गया था। उक्‍त व्‍यवस्‍था को लागू किये जाने में इंगित किठनाइयों के निराकरण हेतु स्‍पष्‍टीकरण शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-3012/दस-62(एम)/2008 दिनांक 29 सितम्‍बर, 2010 एवं शासनादेश संख्‍या वे.आ.-2-798/दस-62(एम)/2008 दिनांक 30 मई 2011 निर्गत किये गये हैं।

2.     उपर्युक्‍त के संबंध में मुझे आपसे यह कहने का निदेश हुआ है कि राजकीय कर्मियों के लिये उपरोक्‍तानुसार लागू सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की व्‍यवस्‍था निम्‍नानुसार संशोधित किये जाने की श्री राज्‍यपाल महोदय सहर्ष स्‍वीकृति प्रदान करते हैं:-

(1)   राजकीय कर्मचारियों को ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत 10, 18 तथा 26 वर्ष की सेवा पर वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य कराये जाने की लागू व्‍यवस्‍था के स्‍थान पर क्रमश: 10, 16 तथा 26 वर्ष की सेवा पर प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के लाभ अनुमन्‍य कराये जायेंगे।

उक्‍त निर्णय के फलस्‍वरूप शासनादेश दिनांक 04 मई, 2010 के प्रस्‍तर-1(2) (प) (ख) एवं प्रस्‍तर-3 (2) निम्‍नानुसार संशोधित माने जायेंगे:-

(प)   प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन में 06 वर्ष की निरन्‍तर संतोषजनक सेवा पूर्ण कर लेने पर द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन एवं द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन में 10 वर्ष की निरन्‍तर संतोषजनक सेवा अथवा कुल 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने की तिथि, जो भी पहले हो, से तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन देय होगा।

      परन्‍तु यदि सम्‍बन्‍धित कार्मिक को प्रोन्‍नति, प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के पूर्व अथवा पश्‍चात् प्राप्‍त होती है तो प्रोन्‍नति की तिथि से 06 वर्ष की सेवा पूर्ण कर लेने पर प्रोन्‍नति के पद के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य होगा।

(पप)    ऐसे कार्मिक, जिन्‍हें 14 वर्ष की सेवा पर प्रथम प्रोन्‍नतीय अगला वेतनमान पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत अनुमन्‍य हो चुका है, उन्‍हें उपर्युक्‍त लाभ अनुमन्‍य होने की तिथि से 02 वर्ष की सेवा अथवा दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2008, जो भी बाद में हो, से द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्रथम प्रोन्‍नतीय पद/अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा।

(2)   ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था में वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अगले ग्रेड वेतन की अनुमन्‍यता हेतु पुनरीक्षित वेतन संरचना में ग्रेड वेतन रू. 1900 के उपरान्‍त उपलब्‍ध ग्रेड वेतन रू. 2000 को इग्‍नोर किया जायेगा, फलस्‍वरूप प्रथम/द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु ग्रेड वेतन रू. 1900 का अगला ग्रेड वेतन रू. 2400 माना जायेगा। उक्‍त शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 का प्रस्‍तर-1(3) इस सीमा तक संशोधित माना जायेगा।

(3)    ए.सी.पी. की अनुमन्‍यता हेतु नाँन फंक्‍शनल वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन को इग्‍नोर किया जायेगा। अत: शासनादेश दिनांक 04 मई, 2010 के प्रस्‍तर-1 (2) (पप)को विलुप्‍त माना जायेगा।

3.    उपर्युक्‍त शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 एवं इस क्रम में निर्गत अन्‍य शासनादेश उक्‍त सीमा तक संशोधित समझे जायेंगे तथा उक्‍त शासनादेशों की शेष व्‍यवस्‍थायें यथावत् प्रभावी रहें गी।

भवदीया

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव।