संख्‍या-3370/सोलह-1/2010/03(12)/2009

उत्‍तर प्रदेश शासन

प्राविधिक शिक्षा अनुभाग-1 लखनऊ : दिनांक 19 अक्‍�बर, 2010

कार्यालय-ज्ञाप

विषय:-वेतन समिति, उ. प्र. 2008 की संस्‍तुतियों को स्‍वीकार किये जाने के फलस्‍वरूप स्‍वायत्‍तशासी शासकीय अनुदानित अभियंत्रण संस्‍थाओं के दिनांक 1.1.2006 अथवा उसके उपरान्‍त सेवानिवृत्‍ति शिक्षकों/कर्मचारियों के पेंशन/ग्रेच्‍युटी/ पारिवारिक पेंशन एवं राशिकरण की दरों का पुनरीक्षण किया जाना।

उपरोक्‍त विषय पर अधोहस्‍ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्‍यपाल महोदय ने स्‍वायत्‍तशासी शासकीय अनुदानित अभियंत्रण संस्‍थाओं के दिनांक 01.01.2006 अथवा उसके उपरान्‍त सेवानिवृत्‍त शिक्षकों/कर्मचारियों के पेंशनरों के पेंशन/पारिवारिक पेंशन/ग्रेच्‍युटी एवं पेंशन राशिकरण की दरों को निम्‍न प्रकार संशोधित किये जाने के आदेश दिये हैं। यह आदेश दिनांक 01.01.2006 से प्रभावी समझे जायेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनर्निर्धारण/समयोजन किया जायेगा।

2- प्रभावी होने की तिथि-

2. (1) इस आदेश के अधीन की जा रही व्‍यवस्‍थायें स्‍वायत्‍तशासी शासकीय अनुदानित अभियंत्रण संस्‍थाओं के उन शिक्षकों/कर्मचारियों पर लागू होगी जो दिनांक 01.01.2006 को अथवा उसके उपरान्‍त सेवानिवृत्‍त अथवा मृत हुए हैं। दिनांक 01.01.2006 के पूर्व के पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन/पारिवारिक पेंशन के पुनरीक्षण के संबंध में पृथक से आदेश निर्गत किये जा रहे हैं।

2. (2) जिन सेवानिवृत्‍त शिक्षकों/कर्मचारियों के मामलों में दिनांक 01.01.2006 को अथवा उसके उपरान्‍त पेंशन/पारिवारिक पेंशन/मृत्‍यु अथवा सेवानिवृत्‍तिक ग्रेच्‍युटी एवं पेंशन के एक भाग के राशिकरण का निर्धारण/भुगतान किया जा चुका है, का पुनरीक्षण इस आदेश में निहित प्रक्रिया के अधीन किया जायेगा। यदि इस आदेश में निहित व्‍यवस्‍था के अधीन पेंशन/पारिवारिक पेंशन का पुनरीक्षण पेंशनर के लिये लाभप्रद न हो, उन प्रकरणों में वसी पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा।

3- (1) परिलब्‍धियाँ-

पेंशन एवं अन्‍य नैवृत्‍तिक लाभों (सेवानिवृत्‍तिक/डेथ ग्रेच्‍युटी को छोड़कर) की गणना हेतु परिलब्‍धियों से तात्‍पर्य उस वेतन से है जैसा कि राजकीय कर्मचारियों के संबंध में मूल नियम 9 (21) (1) में परिभाषित है और जिसे शिक्षक/कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्‍ति की तिथि से ठीक पूर्व अथवा मृत्‍यु की तिथि को प्राप्‍त कर रहा था।

3(2)- 'वेतन' से आशय उत्‍तर प्रदेश वेतन समिति, 2008 की संस्‍तुतियों पर आधारित, पूर्व वेतनमान के पुनर्स्‍थापित पे-बैण्‍ड तथा लागू ग्रेड-पे के योग से है तथा इसमें अन्‍य किसी प्रकार का वेतन तथा विशेष वेतन आदि सम्‍मिलित नहीं है।

3(3)- सेवानिवृत्‍तिक/डेथ ग्रेच्‍युटी की गणना हेतु सेवानिवृत्‍ति/मृत्‍यु की तिथि को अनुमन्‍य महंगाई भत्‍ते को भी सम्‍मिलित किया जायेगा।

4-पेंशन-

पेंशन की गणना पूर्व की भांति औसत परिलब्‍धियों पर किये जाने के साथ-साथ सेवानिवृत्‍ति के समय के लागू वेतनमान के न्‍यूनतम अथवा पुनर्स्‍थापित पे-बैण्‍ड के न्‍यूनतम तथा ग्रेड-पे के योग जैसी स्‍थिति हो, के 50 प्रतिशत के आधार पर की जायेगी, और जो भी अधिक लाभप्रद हो, वह अनुमन्‍य होगा। स्‍वायत्‍तशासी शासकीय अनुदानित अभियंत्रण संस्‍थाओं के अन्‍तर्गत शिक्षकों/कर्मचारियों की पेंशन की पूर्व व्‍यवस्‍था उक्‍त सीमा तक संशोधित समझी जायेगी।

4(1)- सरकारी सेवकों की भांति वसे शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मी जो 10 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने से पूर्व सेवानिवृत्‍त हो जाते हैं, उन्‍हें पेंशन अनुमन्‍य नहीं है परन्‍तु 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु में सेवानिवृत्‍त के विकल्‍पधारी शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मी राज्‍य सरकार के नियमों के अधीन अनुमन्‍य सर्विस/ग्रेच्‍युटी पाने के पात्र होंगे।

4(2)- वर्तमान में पूर्ण पेंशन प्राप्‍त करने के लिए अधिकतम 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा प्रदान करना अनिवार्य है, परन्‍तु उक्‍त व्‍यवस्‍था संशोधित करते हुए यह व्‍यवस्‍था की जाती है कि दिनांक 08 दिसम्‍बर 2008 से पूर्ण पेंशन प्राप्‍त करने हेतु 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा करना अनिवार्य है, जो कर्मी 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करके सेवानिवृत्‍त होते हैं उन्‍हें अन्‍तिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत अथवा अन्‍तिम 10 माह में आहरित वेतन के औसत जो भी अधिक लाभप्रद हो, के आधार पर पेंशन अनुमन्‍य होगी, परन्‍तु जो कर्मी पूर्व में सेवानिवृत्‍त हो चुके हैं एवं उनकी अर्हकारी सेवा यदि 33 वर्ष की पूर्ण नहीं होती है, उन्‍हें पेंशन के पूर्व नियमों के अधीन उनकी सेवा अवधि के आधार पर आनुपातिक दर से पेंशन अनुमन्‍य होगी। हालांकि इनके मामलों में भी अन्‍तिम आहरित वेतन का 50 प्रतिशत अथवा 10 माह में आहरित वेतन के औसत पर जो लाभप्रद हो, के आधार पर पेंशन निर्धारित की जायेगी।

4(3)- सरकारी सेवकों की भांति शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मी जो 10 वर्ष की अर्हकारी सेवा करने के उपरान्‍त सेवानिवृत्‍त होते हैं तथा पेंशन पाने के पात्र हैं उन्‍हें भी सेवा अवधि के आधार पर आनुपातिक दर से पेंशन स्‍वीकृत की जायेगी।

4(4)- उपरोक्‍त प्रस्‍तर-4(2) एवं 4(3) की व्‍यवस्‍था इन आदेशों के जारी होने की तिथि से प्रभावी होगी तथा उन शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मियों पर लागू होगी जो इस दिनांक को अथवा उसके उपरान्‍त सेवानिवृत्‍त हुए हैं/होंगे। जो शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मी दिनांक 01.01.2006 को अथवा उसके उपरान्‍त इस शासनादेश की तिथि के पूर्व तक सेवानिवृत्‍त हुए हैं उन पर पेंशन संबंधी वही नियम लागू होंगे, जो शासनादेश के जारी होने के पूर्व लागू थे।

4(5)- वरिष्‍ठ पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को सामान्‍य अनुमन्‍य पेंशन की धनराशि पर निम्‍न प्रकार निर्धारित अतिरिक्‍त पेंशन भी अनुमन्‍य की जायेगी-

पेंशनर की आयु

अतिरिक्‍त पेंशन की धनराशि

80 वर्ष से अधिक परन्‍तु 85 वर्ष से कम

मूल पेंशन का 20 प्रतिशत प्रतिमाह

85 वर्ष से अधिक परन्‍तु 90 वर्ष से कम

मूल पेंशन का 30 प्रतिशत प्रतिमाह

90 वर्ष से अधिक परन्‍तु 95 वर्ष से कम

मूल पेंशन का 40 प्रतिशत प्रतिमाह

95 वर्ष से अधिक परन्‍तु 100 वर्ष से कम

मूल पेंशन का 50 प्रतिशत प्रतिमाह

100 वर्ष की आयु अथवा अधिक

मूल पेंशन का 100 प्रतिशत प्रतिमाह

पेंशन स्‍वीकर्ता अधिकारी का यह दायित्‍व होगा कि पेंशन अधिकार-पत्र में पेंशनर की जन्‍मतिथि एवं आयु का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख करें, जिससे अनुमन्‍यता की तिथि को पी.पी.ओ. में अतिरिक्‍त पेंशन का आगणन एवं भुगतान करने में सुविधा होगी। उपरोक्‍त वरिष्‍ठ पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को सामान्‍य पेंशन की धनराशि पर अनुमन्‍य की गयी अतिरिक्‍त पेंशन पर समय-समय पर निर्गत महंगाई राहत भी अनुमन्‍य होगी।

5- सेवानिवृत्‍तिक ग्रेच्‍युटी-

60 वर्ष की आयु का विकल्‍प दिये जाने पर सेवानिवृत्‍तिक ग्रेच्‍युटी/मृत्‍यु ग्रेच्‍युटी की अधिकतम धनराशि रु. 10.00 लाख (रुपये दस लाख मात्र) तक सीमित होगी।

5(1)- पारिवारिक पेंशन की गणना अन्‍तिम आहरित वेतन के 30 प्रतिशत की दर पर सामान्‍य रूप से की जायेगी। वर्तमान में शिक्षक/शिक्षणेत्‍तर कर्मचारी/पेंशनर की मृत्‍यु की दशा में अधिकतम 07 वर्ष की सीमा तक अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्‍त करने तक जो भी पहले घटित हो, तक सामान्‍य पेंशन के समतुल्‍य दर पर पारिवारिक पेंशन अनुमन्‍य होती है। दिनांक 01.01.2006 से तथा उसके उपरान्‍त के प्रकरणों में 07 वर्ष की सीमा को बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है। पेंशनर की मृत्‍यु की दशा में उक्‍त अवधि में कोई संशोधन नहीं होगा। पूर्व व्‍यवस्‍था सीमा तक संशोधित समझी जाये।

5(2)- वरिष्‍ठ पारिवारिक पेंशनर की पेंशन की धनराशि में निम्‍न प्रकरणों के अतिरिक्‍त पारिवारिक पेंशन भी अनुमन्‍य होगी-

पेंशनर की आयु

अतिरिक्‍त पेंशन की धनराशि

80 वर्ष से अधिक परन्‍तु 85 वर्ष से कम

मूल पेंशन का 20 प्रतिशत प्रतिमाह

85 वर्ष से अधिक परन्‍तु 90 वर्ष की आयु से कम

मूल पेंशन का 30 प्रतिशत प्रतिमाह

90 वर्ष से अधिक परन्‍तु 95 वर्ष की आयु से कम

मूल पेंशन का 40 प्रतिशत प्रतिमाह

95 वर्ष से अधिक परन्‍तु 100 वर्ष की आयु से कम

मूल पेंशन का 50 प्रतिशत प्रतिमाह

100 वर्ष की आयु अथवा अधिक

मूल पेंशन का 100 प्रतिशत प्रतिमाह

उपरोक्‍त अतिरिक्‍त पारिवारिक पेंशन की अनुमन्‍यता के लिये शेष सभी कार्यवाही उपरोक्‍त प्रस्‍तर-4(5) के अनुसार की जायेगी।

5(3)- पारिवारिक पेंशन की अनुमन्‍यता हेतु ''परिवार'' को निम्‍न प्रकार वर्गीकृत किया जायेगा-

वर्ग-(I)

(क) विधवा/विधुर, आजन्‍म अथवा पुनर्विवाह, जो भी पहले हुआ हो है,

(ख) पुत्र/पुत्री (विधवा पुत्री सहित) को विवाह/पुनर्विवाह अथवा 25 वर्ष की आयु तक जीविकोपार्जन की तिथि, से जो भी पहले हो, तक

वर्ग-(II)

(ग) अविवाहित/विधवा/तलाकशुदा पुत्री, जो उपरोक्‍त वर्ग-1 से आच्‍छादित नहीं है, को विवाह/पुनर्विवाह तक अथवा जीविकोपार्जन की तिथि अथवा मृत्‍यु की तिथि तक, जो भी पहले हो।

(घ) वसे माता-पिता जो शिक्षक/कर्मचारी पर उसके जीवनकाल में पूर्णत: आश्रित रहे हों तथा मृत शिक्षक/कर्मचारी अपने पीछे कोई विधवा/विधुर अथवा बच्‍चे नहीं होते हैं।

आश्रित माता-पिता अविवाहित/तलाकशुदा/विधवा पुत्री की पारिवारिक पेंशन जीवन पर्यन्‍त मिलेगी।

वर्ग-II से आच्‍छादित अविवाहित/विधवा/तलाकशुदा पुत्री तथा आश्रित माता/पिता को पारिवारिक पेंशन की अनुमन्‍यता उसी दशा में होगी जब मृतक के परिवार में पात्र व्‍यक्‍ति उपलब्‍ध नहीं है तथा मृतक शिक्षक/कर्मचारी के परिवार में वसी कोई सन्‍तान नहीं हैं जो विकलांग हों। पारिवारिक पेंशन की अनुमन्‍यता बच्‍चों में उनकी जन्‍मतिथि के क्रम में होगी अर्थात् पहले जन्‍म लिए बच्‍चे को अनुमन्‍यता पहले होगी और उसकी पात्रता समाप्‍त होने के उपरान्‍त बाद में जन्‍म लेने वाले बच्‍चे की पात्रता स्‍थापित होगी।

6- पेंशन के एक भाग राशिकरण-

6(1)-वसे शिक्षक/कर्मचारी जिन्‍हें, पेंशन की सुविधा उपलब्‍ध है और जो 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्‍त होते हैं, को पेंशन का अधिकतम 40 प्रतिशत अंश बेचने का अधिकार होगा।

6(2)-वसे शिक्षक/कर्मचारी जिन्‍हें पेंशन की सुविधा उपलब्‍ध हैं और जो 62 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्‍त होते हैं को पेंशन का अधिकतम 20 प्रतिशत अंश बेचने का अधिकार होगा।

6(3)-पेंशन राशिकरण को संशोधित तालिका संलग्‍न है जो उन सभी प्रकरणों में प्रभावी होगी जिनमें राशिकरण इस ज्ञाप के निर्गत होने की तिथि को अथवा उसके उपरान्‍त कराया गया है। जिन प्रकरणों में पेंशन राशिकरण की कार्यवाही इस शासनादेश के निर्गत होने से पूर्व सम्‍पन्‍न की जा चुकी है, उनमें राशिकरण की पूर्व तालिका में दर्शायी गयी दरों के आधार पर ही भुगतान किया जायेगा। पेंशनरों को यह विकल्‍प भी होगा कि दिनांक 01.01.2006 से पुनरीक्षित अतिरिक्‍त पेंशन के एक भाग (अधिकतम सीमा तक) का राशिकरण करा लें। इस प्रकार अतिरिक्‍त पेंशन की धनराशि के राशिकरण का भुगतान पेंशन राशिकरण की नई तालिका में निर्धारित की गयी दरों के आधार पर किया जायेगा।

7- जिन शिक्षकों/कर्मचारियों ने पुनरीक्षित वेतनमान को वरण करने का विकल्‍प दिया है एवं विकल्‍प देने की तिथि से 10 माह की अवधि के अन्‍दर सेवानिवृत्‍त हो जाते हैं उनकी पेंशन की गणना-हेतु निम्‍नलिखित व्‍यवस्‍था अपनाई जायेगी-

(क) पुनरीक्षित वेतनमान/निर्धारित पे-बैण्‍ड तथा ग्रेड-पे का आगणित धनराशि।

(ख) शेष अवधि के लिए दिनांक 01.01.2006 से पूर्व अवधि में आहरित मूल वेतन/महंगाई वेतन तथा वास्‍तविक महंगाई भत्‍ता, जो कि दिनांक 01.01.2006 को प्रभावी था तथा संगत अवधि में आहरित किया गया है।

8- वसे शिक्षक/कर्मचारी जिन्‍होंने दिनांक 01.01.2006 के पूर्व प्रभावी वेतनमान को बनाये रखने का विकल्‍प दिया है और अब दिनांक 01.01.2006 के उपरान्‍त सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं उनकी पेंशन/मृत्‍यु अथवा सेवानिवृत्‍त उपादान की धनराशि का निर्धारण निम्‍नवत् किया जायेगा-

(1) ''परिलब्‍धियाँ'' शब्‍द से तात्‍पर्य उस वेतन से होगा जो मूल नियम 9(21)(ए)(1) तथा उस पर महंगाई वेतन तथा औसत AICPI-536 तक अनुमन्‍य महंगाई राहत (वर्ष 1982=100 के आधार पर) पर आगणित होगी।

(2) पेंशन की गणना परिलब्‍धियों के 50 प्रतिशत की दर पर अथवा औसत परिलब्‍धियाँ, जो भी अधिक लाभप्रद हो, पर की जायेगी।

(3) मृत्‍यु एवं सेवानिवृत्‍तक ग्रेच्‍युटी की गणना हेतु उपरोक्‍त 8(1) में परिभाषित परिलब्‍धि तथा उस पर इन आदेशों के निर्गत होने की तिथि से पूर्व अनुमन्‍य महंगाई भत्‍ता सम्‍मिलित होगा। ग्रेच्‍युटी की धनराशि की अधिकतम सीमा रु. 3,50,000/- (तीन लाख पचास हजार मात्र) से अधिक नहीं होगी।

(4) पेंशन राशिकरण की दर- वही होगी जैसा कि इन आदेशों के निर्गत होने के पूर्व प्रभावी थे।

(5) पारिवारिक पेंशन की गणना/स्‍वीकृति उसी प्रकार होती रहेगी जैसी कि इन आदेशों के निर्गत होने से पूर्व प्रभावी थी एवं वसी गणना दिनांक 01.01.2006 से पूर्व लागू वेतनमान में मूल वेतन के आधार पर की जायेगी। उपरोक्‍त गणना हेतु औसत AICPI-536 (वर्ष 1982=100 के आधार पर) निर्धारित महंगाई राहत, जैसी कि शासनादेश संख्‍या सा-3-1746/दस-308/05 दिनांक 02.12.2005 में बताई गयी है को सम्‍मिलित किया जायेगा। इस प्रकार आगणित पारिवारिक पेंशन की धनराशि AICPI-536 औसत के उपरान्‍त ही महंगाई राहत की गणना की जायेगी।

(6) उपरोक्‍त संदिभर्त संशोधनों के फलस्‍वरूप स्‍वायत्‍तशासी शासकीय अनुदानित अभियंत्रण संस्‍थाओं के शिक्षकों/शिक्षणेत्‍तर कर्मचारियों के सम्‍बन्‍ध में यथा आवश्‍यक नियम/व्‍यवस्‍थायें संशोधित समझे जायेंगे तथा शेष नियम/व्‍यवस्‍थायें पूर्ववत् रहेंगी।

(7) इस कार्यालय ज्ञाप के आधार पर आगणित/अनुमन्‍य पेंशन/पारिवारिक पेंशन पर AICPI-536 औसत मूल्‍य- सूचकांक के उपरान्‍त अनुमन्‍य कराये जाने वाली महंगाई राहत अनुमन्‍य होगी।

9. अवशेष भुगतान की प्रक्रिया-

दिनांक 01 जनवरी, 2006 से दिनांक 30 नवम्‍बर, 2008 तक के देय अवशेष का 20 प्रतिशत भाग वित्‍तीय वर्ष 2010-11, 40 प्रतिशत वित्‍तीय वर्ष 2011-12 में तथा शेष 40 प्रतिशत का भुगतान वित्‍तीय वर्ष 2012-13 में किया जायेगा। पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को विभिन्‍न वित्‍तीय वर्ष में देय अवशेष का भुगतान नकद किया जायेगा। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अवशेष का भुगतान चालू वित्‍तीय वर्ष में ही किया जाए। पूर्व में भुगतान की गई धनराशि समायोजित कर ली जायेगी।

किसी पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर को देय अवशेष भुगतान प्राप्‍त किये जाने के पूर्व मृत्‍यु हो जाने की दशा में वसे पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर के शेष देय भुगतान (अनुवर्ती वर्षों के देय भुगतान सहित) की धनराशि वसे पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर द्वारा अधिकृत व्‍यक्‍ति को अथवा नियमानुसार विधिक उत्‍तराधिकारी को अविलम्‍ब एकमुश्‍त नकद भुगतान कर दिया जाय।

10- यह आदेश वित्‍त विभाग के अशासकीय संख्‍या-ई-11/2055/ दस-2009 दिनांक 18 अक्‍�बर, 2010 में प्राप्‍त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं।

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव।

ANNEXURE

COMMUTATION VALUE FOR A PERNSION OF Re. 1

PER ANNUM

Age next Birthday

Commutation value expressed as number of year's purchase

Age nextBirthday

Commutation value expressed as number of year's purchase

Age next Birthday

Commutation value expressed as number of year's purchase

20

9.188

41

9.075

62

8.093

21

9.187

42

9.059

63

7.982

22

9.186

43

9.040

64

7.862

23

9.185

44

9.019

65

7.731

24

9.184

45

8.996

66

7.591

25

9.183

46

8.971

67

7.431

26

9.182

47

8.943

68

7.262

27

9.180

48

8.913

69

7.083

28

9.178

49

8.881

70

6.897

29

9.176

50

8.846

71

6.703

30

9.173

51

8.803

72

6.502

31

9.169

52

8.763

73

6.296

32

9.164

53

8.724

74

6.085

33

9.159

54

8.678

75

5.872

34

9.152

55

8.627

76

5.657

35

9.145

56

8.572

77

5.443

36

9.136

57

8.512

78

5.229

37

9.126

58

8.446

79

5.018

38

9.116

59

8.371

80

4.812

39

9.103

60

8.287

81

4.611

40

9.190

61

8.194