सं-ए&बी&3&19742 दस&2010&1009.02882भवन2

प्रेषक,

डा. बी.एम. जोशी,

सचिव वित्‍त विभाग,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

समस्‍त विभागाध्‍यक्ष/मण्‍डलायुक्‍त/जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश तथा जिलाधिकारी, उत्‍तर प्रदेश।

वित्‍त (आय-व्‍ययक) अनुभाग-3                              लखनऊ दिनांक, 12 अक्‍टू­बर, 2010

विषय:- पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन के आधार पर राज्‍य कर्मचारियों को मोटर कार अग्रिम।

महोदय,

उपर्युक्‍त विषयक शासनादेश संख्‍या-बी-3-1877/ दस-2006-125/75-मो.वा., दिनांक 23 अगस्‍त, 2006 के संदभर् में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि दिनांक 01 जनवरी, 2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन संरचना में मोटरकार अगि्रम स्‍वीकृत किये जाने हेतु निम्‍नलिखित पात्रता निर्धारित की जाती है:-

''वेतन बैण्‍ड में वेतन रुपये 19530/- या अधिक वेतन प्राप्‍त करने वाले कर्मचारी/अधिकारी।''

वेतन बैण्‍ड में वेतन का आशय मूल वेतन में ग्रेड वेतन को घटाकर है।

2- जिन मामलों में पूर्व में मोटरकार अगि्रम स्‍वीकृत किया जा चुका है और स्‍वीकृत अगि्रम की धनराशि आहरित की जा चुकी है उन्‍हें इस शासनादेश के अन्‍तर्गत संशोधन/पुनरीक्षण हेतु री-ओपेन नहीं किया जायेगा।

3- यह आदेश जारी होने की तिथि से प्रभावी होंगे।

4- उक्‍त शासनादेश संख्‍या बी-3-1877/दस-2006-125/75-मो.वा., दिनांक 23 अगस्‍त, 2006 को इस सीमा तक संशोधित समझा जायेगा।

5- वित्‍तीय नियम संग्रह, खण्‍ड-5, भाग-1 में तद्नुसार यथा आवश्‍यक संशोधन की कार्यवाही अलग से की जायेगी।

भवदीय,

(बी.एम. जोशी)

सचिव।