संख्‍या-सा-3-1997/दस-2010-101(12)/2009

 प्रेषक,

     नील रतन कुमार,

     संयुक्‍त सचिव,

     उत्‍तर प्रदेश शासन।

 सेवा में,

     समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं

     प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष,

     उत्‍तर प्रदेश।

    

वित्‍त (सामान्‍य) अनुभाग-3                                      लखनऊ : दिनांक : 10 दिसम्‍बर, 2010

    विषय- चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की पेंशन स्‍वीकृति प्रक्रिया में संशोधन।

महोदय,

     उपरोक्‍त विषय के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि शासनादेश संख्‍या-सा-3-397/10-913/92, दिनांक 26 मई, 1993 सपिठत शासनादेश संख्‍या-सा-3-640/10-913/96, दिनांक 08 मई, 1996 द्वारा राज्‍य सरकार के चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों एवं उनके परिवारों को पेंशन/पारिवारिक पेंशन स्‍वीकृत करने का कार्य कार्यालयाध्‍यक्षों को प्रतिनिधानित किया गया है। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के सेवानैवृत्‍तिक लाभों की स्‍वीकृति के संबंध में कतिपय किठनाईयाँ शासन के संज्ञान में आयीं हैं।

     2- अत: इस संबंध में सम्‍यक् विचारोपरान्‍त शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पेंशन स्‍वीकृति आदेश पर कार्यालयाध्‍यक्ष के हस्‍ताक्षर कराने से पूर्व, सेवानैवृत्‍तिक लाभों के प्रकरणों की जांच कार्यालय में तैनात वित्‍त एवं लेखा सेवा के वरिष्‍ठतम अधिकारी से अनिवार्य रूप से करायी जाये तथा जिन कार्यालयों में वित्‍त एवं लेखा सेवा के अधिकारी तैनात नहीं हैं, उनके चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के सेवानैवृत्‍तिक लाभों के प्रकरणों की जांच संबंधित जिले के मुख्‍यह वरिष्‍ठ कोषाधिकारी/ कोषाधिकारी से करायी जायेंगी। तदोपरान्‍त ही कार्यालयाध्‍यक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पेंशन प्राधिकार पत्र निर्गत करे गे। कार्यालयाध्‍यक्ष द्वारा प्रेषित प्रकरण की जांच वित्‍त एवं लेखा सेवा से संबंधित अधिकारी द्वारा प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने के तीन दिन के अन्‍दर कर, पेंशन प्रपत्र संबंधित कार्यालयाध्‍यक्ष को अपनी अभ्‍युक्‍ति के साथ वापस कर दिये जायेंगे

3- इन आदेशों का अनिवार्यत: अनुपालन सुनिश्‍चित किया जाए।

4- शासनादेश दिनांक 26 मई, 1993 एवं शासनादेश दिनांक 08 मई, 1996 द्वारा की गयी व्‍यवस्‍थायें यथावत् लागू रहें गी।

    भवदीय,

    (नीलरतनकुमार)

    संयुक्‍त सचिव।