ACP- ASSURED CAREER PROGRESSON SCHEME

संख्‍या-वे.आ.-2-3012/दस-62(एम)/2008

प्रेषक,

    अनूप मिश्र,

    प्रमुख सचिव वित्‍त,

    उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

    (1) समस्‍त प्रमुख सचिव/सचिव, उत्‍तर प्रदेश शासन।

    (2) समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष उत्‍तर प्रदेश।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-2  

लखनऊ दिनांक, 29 सितंबर, 2010

                          

विषय:- वेतन समिति, (2008) की संस्‍तुतियों पर लिये गये निर्णयानुसार राज्‍य कर्मचारियों के लिये सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की व्‍यवस्‍था के सम्‍बन्‍ध में स्‍पष्‍टीकरण।

महोदय,

    वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर राज्‍य सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्‍न वर्गों के कर्मचारियों के लिये पुनरीक्षित वेतन संरचना में समयमान वेतनमान/ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था, शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-561/दस-62(एम)/2008 दिनांक 04 मई 2010 द्वारा की गयी है। उक्‍त शासनादेश द्वारा की गई व्‍यवस्‍था के अनुसार वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ अनुमन्‍य कराये जाने में स्‍वीकर्ता अधिकारियों द्वारा कतिपय बिन्‍दुओं पर अनुभव की जा रही किठनाइयों के सम्‍बन्‍ध में स्‍पष्‍टीकरण की अपेक्षा की गयी है।

2-   उक्‍त संदभर् में समयमान वेतनमान/ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के सम्‍बन्‍ध में प्राप्‍त संदर्भ बिन्‍दुओं पर निम्‍नानुसार स्‍थिति स्‍पष्‍ट करते हुए आपसे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया सम्‍बन्‍धित कार्मिकों को तद्नुसार समयमान वेतनमान/ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत लाभ की स्‍वीकृति दी जाय और यदि इस विषय में कोई त्रुटि हुई हो तो उसके निराकरण की कार्यवाही सुनिश्‍चित की जाय:-

संदिर्भित बिन्‍दु

स्‍पष्‍टीकरण

1.   शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 द्वारा लागू ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत सीधी भर्ती के किसी पद पर 18 वर्ष एवं 26 वर्ष की सेवा पर देय लाभ की अनुमन्‍यता एक ही तिथि को होने की स्‍थिति में संबंधित पदधारक को दोनों लाभ उसी तिथि को दिये जा सकते हैं अथवा नहीं?

    समयमान वेतनमान/ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत यदि संबंधित पदधारक को प्रथम और द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ एक ही तिथि को देय होता है तो यह मानते हुए कि उसे प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन काल्‍पनिक रूप से प्राप्‍त हो चुका है और उसे द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ ही अनुमन्‍यता की तिथि को देय होगा।

    इसी प्रकार द्वितीय और तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ एक ही तिथि को देय होने पर सम्‍बन्‍धित पदधारक को यह मानते हुए कि द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन काल्‍पनिक रूप से प्राप्‍त हो चुका है और उसे केवल तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ ही अनुमन्‍यता की तिथि को देय होगा।

2.   द्वितीय श्रेणी के सीधी भर्ती के पद पर कार्यरत कतिपय कार्मिकों को 26 वर्ष की अनवरत संतोषजनक सेवा पूर्ण किये जाने के फलस्‍वरूप उन्‍हें वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्रथम श्रेणी के पद पर कार्यरत अधिकारियों से उच्‍च ग्रेड वेतन की देयता बनती है। इस प्रकार वरिष्‍ठ अधिकारियों से कनिष्‍ठ अधिकारियों का ग्रेड वेतन उच्‍च हो सकता है अथवा नहीं?

ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था विषयक शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 के प्रस्‍तर-1(7) के परन्‍तुक में यह प्राविधान उल्‍लिखित है कि इस व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत प्राप्‍त वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन पूर्णतय: वैयक्‍तिक है और इसका कर्मचारी की वरिष्‍ठता से कोई सम्‍बन्‍ध नहीं है। कोई कनिष्‍ठ कर्मचारी इस व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत उच्‍च ग्रेड वेतन प्राप्‍त करता है तो वरिष्‍ठ कर्मचारी इस आधार पर उच्‍च ग्रेड वेतन की मांग नहीं कर सकेगा कि उससे कनिष्‍ठ कर्मचारी को अधिक वेतन/ग्रेड वेतन प्राप्‍त हो रहा है। इस प्रकार सेवावधि पर देय ए.सी.पी. का लाभ का कर्मचारी की वरिष्‍ठता से कोई सम्‍बन्‍ध नहीं है।

3.   शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 द्वारा की गयी ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के अन्‍तर्गत देय लाभों के साथ वेतन बैण्‍ड परिवर्तित हो सकता है अथवा नहीं?

    शासनादेश दिनांक 04 मई 2010 द्वारा की गयी ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत अनुमन्‍य कराया गया अगला ग्रेड वेतन (अथवा दिनांक 01 जनवरी 2006 एवं दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 के पूर्व की अवधि में अनुमन्‍य कराये गये पदोन्‍नति पद के वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन) यदि उसी वेतन बैण्‍ड में प्राविधनित है तो वेतन बैण्‍ड अपरिवर्तित रहेगा।

    परन्‍तु उक्‍त व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत यदि अनुमन्‍य कराया गया अगला ग्रेड वेतन (अथवा दिनांक 01 जनवरी 2006 एवं दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 के पूर्व की अवधि में अनुमन्‍य कराये गये पदोन्‍नति पद के वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन) अगले वेतन बैण्‍ड का है, तो वेतन बैण्‍ड परिवर्तित होगा।

4.   नियमित सेवा के साथ ही साथ निरन्‍तर की गयी तदर्थ सेवाओं को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की गणना में लिया जायेगा अथवा नहीं?

    यदि सम्‍बन्‍धित कार्मिक दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 को धारित पद के सापेक्ष समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत प्राप्‍त लाभ के कारण वैयक्‍तिक वेतनमान में कार्यरत है तो पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत उक्‍त वैयक्‍तिक वेतनमान की अनुमन्‍यता हेतु जिन निरन्‍तर संतोषजनक सेवाओं को गणना में लिया जा चुका है, ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था में आगे वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के लाभ की अनुमन्‍यता हेतु ऐसी सेवाओं को गणना में लिया जायेगा।

भवदीय,   

(अनूप मिश्र)  

प्रमुख सचिव।