उत्‍तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड

(उत्‍तर प्रदेश सरकार का उपक्रम)

U.P. Power Corporation Limited

Corporation of U.P.Government

संख्‍या : 835-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/2011-13 काविनी एवं वे.प्र./09 दिनांक 08.09.2011

कार्यालय-ज्ञाप

    उ. प्र. शासन द्वारा छठें वेतन आयोग की संस्‍तुतियों के आधार पर दिनांक 01.01.06 से पुनरीक्षित वेतन संरचना लागू किये जाने विषयक कार्यालय ज्ञाप सं.-175-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17 काविनी एवं वे.प्र.-08 दिनांक 19.02.2009 के प्रस्‍तर 12, 13 एवं 14 में निहित आदेशों, कारपोरेशन आदेश सं. 783 काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17 काविनी एवं वे.प्र./08 दिनांक 29.06.2009 तथा उ.प्र. शासन के वित्‍त (वेतन आयोग), अनुभाग-2 द्वारा निर्गत ए.सी.पी. योजना विषयक शासनादेश सं.-वे.आ.-70-2-561/दस-62(एम)/2010, दिनांक 04.05.10 को अंगीकृत किये जाने विषयक निर्गत कार्यालय ज्ञाप सं.-2002-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/10-13 काविनी एवं वे.प्र./09 दिनांक 27.11.2010 के अनुसार उ.प्र. पावर कारपोरेशन लि. उसकी सहयोगी वितरण कम्‍पनियों तथा उ.प्र. पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लि. के समस्‍त कार्मिकों के लिये समयबद्ध वेतनमानों की सुविधा 09 वर्ष, 14 वर्ष एवं 19 वर्ष के अन्‍तराल पर अनुमन्‍य रखते हुए उ.प्र. शासन की अनुरूपता में वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन, तत्‍सम्‍बन्‍धी पे-बैंण्‍ड, ग्रेड-पे तथा संगत वेतन निर्धारण पुनरीक्षित वेतन संरचना में उ.प्र. शासन की ए.सी.पी. योजना के अन्‍तर्गत अनुमन्‍य किये जाने के सम्‍बन्‍ध में एतदद्वारा निम्‍नवत प्रक्रिया लागू की जाती है:-

1- उक्‍त नई व्‍यवस्‍था पुनरीक्षित वेतन संरचना में दिनांक 19 फरवरी, 2009 से प्रभावी होगी। दिनांक 18 फरवरी, 2009 तक, पुनरीक्षित वेतन संरचना में, सभी वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन के पदधारकों हेतु समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था ही लागू रहेगी। परिणामस्‍वरूप, दिनांक 01 जनवरी, 2006 से लागू वेतनमानों में समयमान वेतनमानों की दिनांक 31 दिसम्‍बर, 2005 तक ही प्रभावी पूर्व व्‍यवस्‍था को अब दिनांक 18 फरवरी, 2009 तक लागू समझा जायेगा। निगमादेश संख्‍या- 175-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17-काविनी एवं वे.प्र.-08 दिनांक 19 फरवरी, 2009 का प्रस्‍तर 13 इस सीमा तक संशोधित समझा जायेगा। निगमादेश संख्‍या 783-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17-काविनी एवं वे.प्र.-08 एवं तत्‍क्रम में निर्गत आदेशों को अतिक्रमित करते हुये विकल्‍प की व्‍यवस्‍था समाप्‍त की जा रही है।

2- (I) ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत सीधी भर्ती के किसी पद पर प्रथम नियमित नियुक्‍ति तिथि से 09 वर्ष, 14 वर्ष एवं 19 वर्ष की अनवरत संतोषजनक सेवा के आधार पर तीन वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन निम्‍न प्रतिबन्‍धों के अधीन अनुमन्‍य किये जायेंगे :-

(क) प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन सीधी भर्ती के पद के वेतनमान/सादृश्‍य ग्रेड वेतन में 09 वर्ष की नियमित सेवा निरन्‍तर संतोषजनक रूप से पूर्ण कर लेने पर देय होगा।

परन्‍तु, किसी पद का वेतनमान/ग्रेड वेतन किसी समय उच्‍चीकृत होने की स्‍थिति में वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु सेवावधि की गणना में पूर्व वेतनमान/ग्रेड वेतन तथा उच्‍चीकृत वेतनमान/ग्रेड वेतन में की गई सेवाओं को जोड़कर उच्‍चीकृत ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा।

(ख) प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन में 05 वर्ष की निरन्‍तर संतोषजनक सेवा पूर्ण कर लेने पर द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन देय होगा। इसी प्रकार द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन में 05 वर्ष की निरन्‍तर संतोषजनक सेवा पूर्ण कर लेने पर तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होगा।

परन्‍तु,

यदि संबंधित कार्मिक को प्रोन्‍नति, प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के पूर्व अथवा उसके पश्‍चात् प्राप्‍त हो जाती है तो, प्रोन्‍नति की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की सेवा पूर्ण कर लेने पर ही प्रोन्‍नति के पद पर अनुमन्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य होगा। संबंधित पद पर रहते हुए उक्‍तानुसार द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने की तिथि से 05 वर्ष की सेवा पूर्ण करने अथवा कुल 19 (उन्‍नीस) वर्ष की सेवा पूर्ण करने की तिथि, जो भी पहले हो, से तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ अनुमन्‍य होगा।

(II) किसी पद पर नाँन फंक्‍शनल वेतनमान/ग्रेड वेतन मिलने पर ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय लाभों की अनुमन्‍यता हेतु नाँन फंक्‍शनल वेतनमान/ग्रेड वेतन को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन माना जायेगा। ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत अगले लाभ के रूप में नाँन फंक्‍शनल वेतनमान/सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा।

(III) उपर्युक्‍तानुसार अनुमन्‍य कराये जाने वाले तीन स्‍तरोन्‍नयन दिनांक 01 जनवरी, 2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन संरचना में ही अनुमन्‍य होंगे।

(IV) संतोषजनक सेवा पूर्ण न होने के कारण यदि किसी कार्मिक को वितीय स्‍तरोन्‍नयन विलम्‍ब से प्राप्‍त होता है तो उसका प्रभाव आने वाले अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन पर भी पडे़गा। अर्थात् अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु निर्धारित अवधि की गणना पूर्ण वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के प्राप्‍त होने की तिथि से ही की जायेगी।

(V) ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था लागू हो जाने के पश्‍चात् सीधी भर्ती के किसी पद पर प्रथम नियुक्‍ति के पश्‍चात संवर्ग में प्रथम पदोन्‍नति होने के उपरान्‍त केवल द्वितीय एवं तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन तथा द्वितीय पदोन्‍नति प्राप्‍त होने के उपरान्‍त तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ ही देय रह जायेगा। तीसरी पदोन्‍नति प्राप्‍त होने की तिथि के पश्‍चात् किसी भी दशा में वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ अनुमन्‍य नहीं होगा। इसी अनुक्रम में यह भी व्‍यवस्‍था की गई है कि दिनांक 01 जनवरी, 2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन संरचना में एक ही संवर्ग में यदि समान ग्रेड वेतन वाले पद पर पदोन्‍नति हुई है, तो उसे भी वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु पदोन्‍नति माना जायेगा।

परन्‍तु,

उपरोक्‍तानुसार पदोन्‍नति प्राप्‍त वरिष्‍ठ कर्मचारी का वेतन ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के लाभान्‍वित किसी कनिष्‍ठ कार्मिक से कम होने की दशा में वरिष्‍ठ कार्मिक का वेतन कनिष्‍ठ कार्मिक के बराबर कर दिया जायेगा।

(VI) ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन हेतु नियमित संतोषजनक सेवा की गणना में, एक ही संवर्ग में एवं एक ही ग्रेड वेतन में, उ.प्र. पावर कारपोरेशन लि. एवं उसकी सहयोगी वितरण कम्‍पनियों तथा पूर्वांचल, पश्‍चिमांचल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण कम्‍पनी लि./केस्‍कों तथा उ.प्र. पावर ट्रान्‍समिाश्‍न कारपोरेशन लि. में की गई सेवाओं की गणना की जायेगी।

(VII) ए.सी.पी. व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन हेतु किसी पद पर की गई परिवीक्षा अवधि/प्रशिक्षण अवधि के रूप में पूर्ण की गई संतोषजनक सेवा के साथ-साथ प्रतिनियुक्‍ति/बाह्य सेवा (इन सेवाओं का तात्‍पर्य उस सेवा से है जो परिषद/कारपोरेशन की सेवा में आने के पश्‍चात् सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अन्‍य विभागों यथा केन्‍द्र सरकार/राज्‍य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों या विदेश में स्‍थित किसी संस्‍थान में गई हो एवं इस प्रकार सेवारत रहते हुए कार्मिक विशेष की परिषदीयह कारपोरेशन/निगमीय सेवा की निरन्‍तरता में व्‍यवधान न हुआ हो), अध्‍ययन अवकाश तथा सक्षम स्‍तर से स्‍वीकृत सभी प्रकार के अवकाश को सम्‍मिलित किया जायेगा।

(VIII) केन्‍द्र सरकार/स्‍थानीय निकायह स्‍वशासी संस्‍था/अन्‍य सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम में की गई पूर्व सेवा को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के लिये गणना में नहीं लिया गया है।

(IX) किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा उसके परिषद्/कारपोरेशन की सेवा में आने से पूर्व किसी अन्‍य विभाग यथा भारत सरकार/राज्‍य सरकारों अथवा उनके नियंत्रणाधीन अन्‍य सार्वजनिक निगमों/उपक्रमों आदि में की गई सेवाओं को मात्र पेंशनरी लाभ के निमित्‍त आगणित किये जाने के संदभर् में पूर्ववर्ती परिषदादेश सं. 2305-पेंशन-31/राविप-95/46-पी/89 दिनांक 27.10.1995 में निहित प्राविधानुसार गणना की जायेगी।

3- समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के सम्‍बन्‍ध में समय-समय पर निर्गत निगमादेशों द्वारा की गयी व्‍यवस्‍था एवं जारी निर्देश दिनांक 18 फरवरी, 2009 तक पुनरीक्षित वेतन संरचना में भी, यथावत् लागू रहेंगे। पुनरीक्षित वेतन संरचना में दिनांक 18 फरवरी, 2009 तक लागू समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय लाभ निम्‍नानुसार अनुमन्‍य कराये जायेंगे :-

(क) (i) 9 वर्ष, 14 वर्ष एवं 19 वर्ष की सेवा के आधार पर क्रमश: प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में देय वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होने पर अनुमन्‍यता की तिथि को संबंधित कार्मिक का वेतन प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में देय ग्रेड वेतन अनुमन्‍य करते हुये निर्धारित किया जायेगा और वैण्‍ड वेतन अपरिवर्तित रहेगा। उक्‍तानुसार निर्धारित बैण्‍ड वेतन यदि उस ग्रेड वेतन में सीधी भर्ती हेतु निर्धारित न्‍यूनतम बैण्‍ड वेतन से कम होता है तो संबंधित पदधारक का बैण्‍ड वेतन उस सीमा तक बढ़ा दिया जायेगा।

(ii) प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में संबंधित पदधारक को अगली वेतन वृद्धि न्‍यूनतम छ: माह की अवधि के उपरान्‍त पड़ने वाली पहली जुलाई को ही देय होगी।

परन्‍तु,

प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में अगली पहली जुलाई को किसी अधिकारी/कर्मचारी का मूल वेतन उसे यथास्‍थिति पद के वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन अथवा प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में निर्धारित मूल वेतन की तुलना में कम या बराबर हो जाये, तो यथा स्‍थिति प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान अथवा तृतीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में एक अतिरिक्‍त वेतन वृद्धि स्‍वीकृत करते हुये मूल वेतन पुर्ननिर्धारित किया जायेगा।

(iii) समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान/सेलेक्‍शन ग्रेड अनुमन्‍य होने के उपरान्‍त सम्‍बन्‍धित कर्मचारी की पदोन्‍नति उक्‍तानुसार प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान/सेलेक्‍शन ग्रेड के रूप में अनुमय वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन के पद पर होने की स्‍थिति में सम्‍बन्‍धित कार्मिक का वेतन निर्धारण 3 प्रतिशत की दर से एक वेतनवृद्धि देते हुये किया जायेगा। सम्‍बन्‍धित कर्मचारी को अगली सामान्‍य वेतनवृद्धि अगली पहली जुलाई को देय होगी।

(ख) संवर्ग में वरिष्‍ठ कार्मिक को समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय लाभ पुनरीक्षित वेतनमानों में अनुमन्‍य होने तथा कनिष्‍ठ कार्मिक को वही लाभ पुनरीक्षित वेतन संरचना में अनुमन्‍य होने के फलस्‍वरूप यदि वरिष्‍ठ कार्मिक का वेतन कनिष्‍ठ की तुलना में कम हो जाता है तो संबंधित तिथि को वरिष्‍ठ कार्मिक का वेतन कनिष्‍ठ को अनुमन्‍य वेतन के बराबर निर्धारित कर दिया जायेगा।

(ग) ऐसे मामलों में जहां किसी कारणवश प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य सादृश्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में परिवर्तन होता है तो समयमान वेतनमान व्‍यवस्‍था के अधीन प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान भी तद्नुसार परिवर्तित रूप में ही अनुमन्‍य होगा।

परन्‍तु,

उक्‍त परिवर्तन के फलस्‍वरूप यदि प्रोन्‍नतीयह अगला वेतनमान उच्‍चीकृत होता है तो ऐसे उच्‍चीकरण की तिथि से उच्‍च प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा। समयमान वेतनमान की व्‍यवस्‍था में पूर्व से अनुमन्‍य प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान का संशोधन भी तद्नुसार किया जायेगा। प्रोन्‍नतीयह अगला वेतनमान निम्‍नीकृत होने की दशा में पूर्व से अनुमन्‍य प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन यथावत अनुमन्‍य रहेगा।

4- निर्धारित सेवावधि पर वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य होने वाला ग्रेड वेतन कार्यालय ज्ञाप सं. 175-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17-काविनी एवं वे.प्र./08 दिनांक 19.02.2009 तथा तत्‍क्रम में जारी अन्‍य आदेशों में उल्‍लिखित दरों के अनुसार अनुमन्‍यता की तिथि से, पूर्व देय ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन होगा। इस प्रकार किसी पद पर वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्राप्‍त होने वाला ग्रेड वेतन कुछ मामलों में संबंधित पद तथा उसके पदोन्‍नति के पद के ग्रेड वेतन के मध्‍य का ग्रेड वेतन हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित पदधारक को पदोन्‍नति के पद का ग्रेड वेतन उसे वास्‍तविक रूप से पदोन्‍नति प्राप्‍त होने पर ही अनुमन्‍य होगा।

5- वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ अनुमन्‍य होने के आधार पर संबंधित कर्मचारी के पदनाम, श्रेणी अथवा प्रा:स्‍थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा। किन्‍तु मूल वेतन के आधार पर देय वित्‍तीय एवं सेवानैवृत्‍तिक तथा अन्‍य लाभ संबंधित कार्मिक को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के फलस्‍वरूप निर्धारित मूल वेतन के आधार पर अनुमन्‍य होंगे।

6- यदि किसी कार्मिक के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही/दण्‍डन कार्यवाही प्रचलन में हो तो ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत स्‍तरोन्‍नयन के लाभ की अनुमन्‍यता उन्‍हीं नियमों से शासित होगी, जिन नियमों के अधीन उपर्युक्‍त परिस्‍थितियों में सामान्‍य प्रोन्‍नति की व्‍यवस्‍था शासित होती है। अत: ऐसे मामले उत्‍तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली-1999 (कारपोरेशन में यथा अंगीकृत) के सुसंगत प्राविधानों एवं तत्‍क्रम में जारी निर्देशों से विनियमित होंगे।

7- इस योजना के अन्‍तर्गत प्राप्‍त वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन पूर्णतय: वैयक्‍तिक है एवं इसका कार्मिक की वरिष्‍ठता से कोई सम्‍बन्‍ध नहीं है। कोई कनिष्‍ठ कर्मचारी इस व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत उच्‍च वेतन/ग्रेड वेतन प्राप्‍त करता है, तो वरिष्‍ठ कार्मिक इस आधार पर उच्‍च वेतन/ग्रेड वेतन की मांग नहीं कर सकेगा कि उससे कनिष्‍ठ कार्मिक को अधिक वेतन/ग्रेड वेतन प्राप्‍त हो रहा है।

8- यदि कोई कार्मिक किसी वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु अर्ह होने के पूर्व ही उसे दी जा रही नियमित पदोन्‍नति लेने से मना करता है तो उस कार्मिक को अनुमन्‍य उस वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ नहीं दिया जायेगा। यदि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य कराये जाने के पश्‍चात् सम्‍बन्‍धित कार्मिक द्वारा नियमित प्रोन्‍नति लेने से मना किया जाता है तो उसे अनुमन्‍य किया गया है तो उसे अनुमन्‍य किया गया वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन वापस नहीं लिया जायेगा। तथापि ऐसे कार्मिक को अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु तब तक अर्हता के क्षेत्र में सम्‍मिलित नहीं किया जायेगा जब तक कि वह प्रोन्‍नति लेने हेतु सहमत न हो जाये। उक्‍त स्‍थिति में अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की देयता हेतु समयावधि की गणना में, पदोन्‍नति लेने से मना करने तथा पदोन्‍नति हेतु सहमति दिये जाने के मध्‍य की अवधि को सम्‍मिलित नहीं किया जायेगा।

9- ऐसे कार्मिक जो उच्‍च पदों पर कार्यरत है और उन्‍हें निम्‍न पद के आधार पर देय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन उच्‍च पद पर मिल रहे ग्रेड वेतन के समान अथवा निम्‍न है, तो निम्‍न पद के आधार पर देय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ उच्‍च पद पर कार्यरत रहने की अवधि तक अनुमन्‍य नहीं होगा। परन्‍तु संबंधित कार्मिक के निम्‍न पद पर आने पर उक्‍त लाभ देयता की तिथि से काल्‍पनिक आधार पर अनुमन्‍य कराते हुए उसका वास्‍तविक लाभ उसके निम्‍न पद पर आने की तिथि से अनुमन्‍य होगा। यदि निम्‍न पद के आधार पर देय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन उच्‍च पद पर अनुमन्‍य ग्रेड वेतन से उच्‍च है तो संबंधित वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ देयता की तिथि से ही अनुमन्‍य होगा।

10- प्रतिनियुक्‍ति/सेवा स्‍थानान्‍तरण पर कार्यरत कार्मिकों को ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन प्राप्‍त करने हेतु अपने पैतृक विभाग के मूल पद के आधार पर ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत देय वेतन बैण्‍ड में वेतन एवं ग्रेड वेतन अथवा प्रतिनियुक्‍ति/सेवा स्‍थानान्‍तरण के वर्तमान पद पर अनुमन्‍य हो रहे बैण्‍ड वेतन एवं ग्रेड वेतन, जो भी लाभप्रद हो, को चुनने का विकल्‍प होगा।

11- पूर्व में लागू समयमान वेतनमान की व्‍यवस्‍था तथा ए.सी.पी. की उपरोक्‍त नई व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत एक ही संवर्ग में अनुमन्‍य कराये गये समयबद्ध वेतनमान/वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन में सम्‍भावित किसी अन्‍तर की विसंगति नहीं माना जायेगा।

12- पुनरीक्षित वेतन संरचना में सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) लागू होने की तिथि 19.02.2009 को यदि कोई कार्मिक धारित पद के साधारण वेतनमान में है और उसे संबंधित पद पर समयबद्ध वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत कोई लाभ अनुमन्‍य नहीं हुआ हो, तो ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था में लाभ अनुमन्‍य किये जाने हेतु अर्हकारी सेवा अवधि की गणना संबंधित कार्मिक के उक्‍त धारित पद के संदभर् में की जायेगी और ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत देय सभी लाभ उक्‍त आधार पर देय होंगे।

13- ऐसे कार्मिक जो दिनांक 19.02.2009 को समयबद्ध वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत कोई समयवद्ध वेतनमान/लाभ वैयक्‍तिक रूप से प्राप्‍त कर रहे हैं, तो ऐसे कार्मिकों को ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था में लाभ अनुमन्‍य किये जाने हेतु अर्हकारी सेवा अवधि की गणना संबंधित कार्मिक को अनुमन्‍य समयबद्ध वेतनमान/लाभ जिस पद के संदभर् में अनुमन्‍य किया गया है, उसी पद के संदभर् में की जायेगी। उक्‍त श्रेणी के कर्मचारियों को ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय लाभ दिनांक 19 फरवरी, 2009 अथवा उसके पश्‍चात् निम्‍नानुसार अनुमन्‍य होंगे :-

(क) जिन्‍हें 09 वर्ष की सेवा के आधार पर प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगला वेतनमान समयबद्ध वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य हो चुका हो, उन्‍हें उपयुर्क्‍त लाभ अनुमन्‍य होने की तिथि से न्‍यूनतम 05 वर्ष की सेवा सहित कुल 14 (चौदह) वर्ष की सेवा पूर्ण करने की तिथि से द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होगा। उक्‍त तिथि को संबंधित कार्मिक को पूर्व से अनुमन्‍य प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन देय होगा।

(ख) जिन्‍हें 14 वर्ष की सेवा के उपरान्‍त द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगला वेतनमान अनुमन्‍य हो चुका हो, उन्‍हें उक्‍त लाभ अनुमन्‍य होने की तिथि से न्‍यूनतम 05 वर्ष की सेवा सहित कुल 19 (उन्‍नीस) वर्ष की सेवा पूर्ण करने की तिथि से तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होगा। उक्‍त तिथि को संबंधित कार्मिक को पूर्व से अनुमन्‍य द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन देय होगा।

परन्‍तु,

दिनांक 19.02.2009 के पूर्व प्राप्‍त पदोन्‍नति अथवा समयबद्ध वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत अनुमन्‍य प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन, पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतनमानों के संविलियन/पदों के उच्‍चीकरण के फलस्‍वरूप संबंधित पद के साधारण ग्रेड वेतन के समान हो जाने की स्‍थिति में ऐसी पदोन्‍नति अथवा प्रोन्‍नतीय वेतनमान/अगले वेतनमान को ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था का लाभ देते समय संज्ञान में नहीं लिया जायेगा।

14- वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने पर वेतन निर्धारण निम्‍नलिखित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा। प्रतिबन्‍ध यह होगा कि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने के पश्‍चात यदि सम्‍बन्‍धित कार्मिक की उसी ग्रेड वेतन, जो वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य हुआ है, में नियमित पदोन्‍नति होने पर कोई वेतन निर्धारण नहीं किया जायेगा, परन्‍तु यदि पदोन्‍नति के पद का ग्रेड वेतन वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्राप्‍त ग्रेड वेतन से उच्‍च है, तो बैण्‍ड वेतन अपरिवर्तित रहेगा और संबंधित कार्मिक को पदोन्‍नति के पद का ग्रेड वेतन देय होगा :-

पुनरीक्षित वेतन संरचना में प्रभावी ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍थानुसार वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने पर संबंधित कार्मिक का वेतन वित्‍तीय नियम संग्रह खण्‍ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम 22-बी(1) के अनुसार निर्धारित किया जायेगा। संबंधित कार्मिक को ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने पर वित्‍तीय नियम-23 (1) के अन्‍तर्गत यह विकल्‍प होगा कि वह वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने की तिथि अथवा अगली वेतन वृद्धि की तिथि से वेतन निर्धारण करवा सकता है। पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन निर्धारण निम्‍नानुसार किया जायेगा:-

(1) यदि संबंधित कार्मिक वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने पर निम्‍न ग्रेड वेतन की वेतन वृद्धि की तिथि से वेतन निर्धारण हेतु विकल्‍प देता है तो वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने की तिथि को वर्तमान वेतन बैण्‍ड में वेतन अपरिवर्तित रहेगा, किन्‍तु वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन देय होगा। अगली वेतन वृद्धि की तिथि अर्थात 01 जुलाई को वेतन पुर्ननिर्धारित होगा। इस तिथि को संबंधित सेवक को दो वेतन वृद्धियां, एक वार्षिक वेतन वृद्धि तथा दूसरी वेतन वृद्धि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के फलस्‍वरूप देय होगी। इन दोनों वेतन वृद्धियों की गणना वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने की तिथि के पूर्व के मूल वेतन के आधार पर की जायेंगी। उदाहरणस्‍वरूप, यदि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के अनुमन्‍य होने की तिथि से पूर्व मूल वेतन रू. 100.00 था, तो प्रथम वेतन वृद्धि की गणना रू. 100.00 पर तथा द्वितीय वेतन वृद्धि की गणना रू. 103.00 पर की जायेगी।

(2) यदि संबंधित कार्मिक वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने की तिथि से वेतन निर्धारण हेतु विकल्‍प देता है, तो वितीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन में उसका वेतन निम्‍नानुसार निर्धारित किया जायेगा :-

वर्तमान वेतन बैण्‍ड में वेतन तथा वर्तमान ग्रेड वेतन के योग की 03 प्रतिशत धनराशि को अगले 10 में पूर्णांकित करते हुए एक वेतनवृद्धि के रूप में आगणित किया जायेगा। तद्नुसार आगणित वेतनवृद्धि की धनराशि वेतन बैण्‍ड में प्राप्‍त वर्तमान वेतन में जोड़ी जायेगी। इस प्रकार प्राप्‍त धनराशि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड में वेतन होगा, जिसके साथ वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य ग्रेड वेतन देय होगा। जहाँ वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड में परिवर्तन हुआ हो वहां भी इसी पद्धति का पालन किया जायेगा तथापि वेतनवृद्धि जोड़ने के बाद भी जहां वेतन बैण्‍ड में आगणित वेतन वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य उच्‍च वेतन बैण्‍ड के न्‍यूनतम से कम हो, तो तद्नुसार आगणित वेतन को उक्‍त वेतन बैण्‍ड में न्‍यूनतम के बराबर तक बढ़ा दिया जायेगा।

नोट- यदि संबंधित कार्मिक को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन किसी वर्ष में, दिनांक 02 जुलाई से 01 जनवरी तक अनुमन्‍य हुआ है तो उसे अगली वेतनवृद्धि अनुवर्ती 01 जुलाई को देय होगी।

उदाहरण- किसी कार्मिक को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन यदि 02 जुलाई 2009 से 01 जनवरी, 2010 तक अनुमन्‍य हुआ है तो उसे अगली वेतनवृद्धि 01 जुलाई, 2010 को देय होगी।

यदि वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन किसी वर्ष 02 जनवरी से 30 जून तक अनुमन्‍य हुआ है तो उसे अगली वेतनवृद्धि अगले वर्ष की पहली जुलाई को देय होगी।

उदाहरण- किसी कार्मिक को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन यदि 02 जनवरी, 2009 से 30 जून, 2009 तक अनुमन्‍य हुआ है, तो उसे अगली वेतनवृद्धि 01 जुलाई, 2010 को देय होगी।

15- समयबद्ध वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के स्‍थान पर ए.सी.पी. की उपरोक्‍त व्‍यवस्‍था लागू किये जाने के फलस्‍वरूप वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु संबंधित कार्मिकों की पात्रता एवं उपयुक्‍तता पूर्ववर्ती परिषदादेश सं. 1598-पी/राविप-तीस-4पी/1986 दिनांक 31.08.1989 एवं तत्‍क्रम में समय-समय पर जारी संगत आदेशों में निर्धारित किये गये मापदण्‍डों के अनुसार व्‍यवहृत होगी।

16- वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की स्‍वीकृति दिये जाने हेतु पूर्व आदेशों द्वारा गिठत सक्षम समितियाँ यथावत् अधिकृत रहेंगी एवं प्रश्‍नगत समितियाँ सम्‍बन्‍धित प्रकरणों पर विचार किये जाने हेतु सामान्‍यत: प्रत्‍येक वर्ष के माह जनवरी तथा जुलाई में दो बैठकें आयोजित करेंगी। माह जनवरी में होने वाली बैठक में पूर्ववर्ती माह जून तक के मामलों पर विचार किया जायेगा।

17- उक्‍त समितियों द्वारा अपनी संस्‍तुतियां बैठक की तिथि से 15 दिन की अवधि में संबंधित नियुक्‍ति प्राधिकारियों/वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन स्‍वीकृति करने हेतु सक्षम प्राधिकारी को प्रस्‍तुत की जायेंगी।

18- ए.सी.पी. व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की स्‍वीकृति के लिए विभिन्‍न संवर्गों के नियुक्‍त प्राधिकारी ही सक्षम होंगे और उसकी सामान्‍य प्रक्रिया वहीं रहेगी, जो प्रोन्‍नति के अवसर पर अपनाई जाती है।

19- वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य कराये जाने संबंधी वेतन निर्धारण एवं बिलों का सत्‍यापन संबंधित उप महाप्रबन्‍धक (लेखा)/क्षेत्रीय उप मुख्‍य लेखाधिकारी से कराना आवश्‍यक होगा।

20- ए.सी.पी. की उपरोक्‍त व्‍यवस्‍था के संदभर् में निगमादेश संख्‍या 175-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17-काविनी एवं वे.प्र.-08 दिनांक 19 फरवरी, 2009 सपिठत आदेश सं. 477-काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/2011-17 काविनी एवं वे.प्र.-08 दिनांक 01.06.2011 के अन्‍तर्गत पुनरीक्षित वेतन संरचना चुनने के सम्‍बन्‍ध में दिये गये विकल्‍प के स्‍थान पर संशोधित विकल्‍प इस आदेश के जारी होने की तिथि से 90 दिन के अंदर प्रस्‍तुत किया जा सकेगा।

21- उक्‍त के फलस्‍वरूप कारपोरेशन आदेश सं.-175 काविनी एवं वे.प्र.-29/पाकालि/09-17 काविनी एवं वे.प्र.-08 दिनांक 19.02.2009 के प्रस्‍तर 20 (भुगतान एवं अवशेष भुगतान की प्रक्रिया) के बिन्‍दु 5(1) में वर्णित वित्‍तीय वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 में आहरित किये जाने वाले अवशेष का आहरण फरवरी 2012 से पूर्व नहीं किया जायेगा। अन्‍य व्‍यवस्‍थायें यथावत रहेंगी।

अध्‍यक्ष एवं प्रबन्‍ध निदेशक

(निदेशक मण्‍डल की आज्ञा से)