संख्‍या-वे.आ.-2-2056/दस-54(एम)/2008टी.सी.

प्रेषक,

अजय अग्रवाल,

विशेष सचिव, वित्‍त

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

समस्‍त प्रमुख सचिव/सचिव,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-2                   लखनऊ : दिनांक 08 सितम्‍बर, 2010

विषय:-वेतन समिति, (2008) के नवम् प्रतिवेदन भाग-1 में राजकीय विभागों के आशुलिपिक संवर्ग के सम्‍बन्‍ध में की गयी संस्‍तुतियों पर लिये गये निर्णयों के कार्यान्‍वयन के सम्‍बन्‍ध में।

महोदय,

उपर्युक्‍त विषय पर मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वेतन समिति द्वारा राजकीय विभागों के आशुलिपिक संवर्ग के संबंध में नवम् प्रतिवेदन भाग-1 में दी गयी निम्‍न संस्‍तुतियों को स्‍वीकार करने का निर्णय लिया गया है:-

(1) प्रदेश में आशुलिपिक संवर्ग एवं लिपिकीय संवर्ग के पदों को संविलीन कर एकीकृत संवर्ग बनाये जाने का औचित्‍य नहीं है। अत: आशुलिपिक संवर्ग तथा लिपिकीय संवर्ग यथावत् अलग-अलग बनाये रखे जायें।

(2) आशुलिपिक संवर्ग के वर्तमान में विद्यमान चार स्‍तरीय संवर्गीय ढांचे के स्‍थान पर पदों को 50 : 35 :15 के अनुपात में विभाजित करते हुए निम्‍नानुसार त्रि-स्‍तरीय ढांचा रखा जाये:-

क्र.सं. 

पदनाम

पुनरीक्षित वेतन संरचना (रु.)

पदों का प्रतिशत

शैक्षिक अर्हता/भर्ती की विधि

वेतन बैण्‍ड

ग्रेड

वेतन

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

(6)

1

आशुलिपिक

5200-20200

2800

50

संवर्ग में प्रथम स्‍तर का पद होगा। इस पद पर भर्ती हेतु शैक्षिक अर्हता- इंटरमीडिएट के साथ हिन्‍दी आशुलिपिक में निर्धारित गति 80 शब्‍द प्रति मिनट तथा टंकण में 25 शब्‍द प्रति मिनट के साथ कम्‍प्‍यूटर से संबंधित ज्ञान (डी.ओ.ई. ए.सी.सी. सोसाइटी द्वारा संचालित सी.सी.सी. पाठ्यक्रम अथवा माध्‍यमिक शिक्षा परिषद्, उ.प्र. द्वारा संचालित कम्‍प्‍यूटर पाठ्यक्रम उर्त्‍तीण होना अनिवार्य अर्हता होगी।

2

वैयक्‍तिक सहायक ग्रेड-2

9300-34800

4200

35

यह पद द्वितीय स्‍तर के होंगे। इन पदों को ज्‍येष्‍ठता के आधार पर न्‍यूनतम 08 वर्ष की संतोषजनक वाले आशुलिपिक पदधारकों से पदोन्‍नति कर भरा जायेगा।

3

वैयक्‍तिक सहायक ग्रेड-1

9300-34800

4600

15

यह पद तृतीय स्‍तर के होंगे। इन पदों की ज्‍येष्‍ठता के आधार पर आशुलिपिक पद की सेवाओं को जोड़ते हुए न्‍यूनतम 15 वर्ष की संतोषजनक सेवा वाले वसे वैयक्‍तिक सहायक ग्रेड-2 के पदधारकों, जिनके द्वारा इस रूप में न्‍यूनतम 05 वर्ष की संतोषजनक सेवापूर्ण कर ली गयी हो, से पदोन्‍नति कर भरा जायेगा।

(3) वसे विभागीय कार्यालयों जहां आशुलिपिक संवर्ग में राज्‍य स्‍तरीय पुनर्गठन संभव न हो और राज्‍य स्‍तर से निचले किसी भी स्‍तर के कार्यालय में आशुलिपिकीय पदों की संख्‍या 10 से कम है, वहां आनुपातिक आधार पर पदों के विभाजन में आने वाली किठनाई के निराकरण हेतु समिति की संस्‍तुति है कि इस संवर्ग के पदों का विभाजन एवं पदधारकों का समायोजन निम्‍नानुसार किया जाय:-

संवर्ग में उपलब्‍ध पदों की संख्‍या

आशुलिपिक ग्रेड-2 वेतन बैंड-1 रु. 5200-20200 एवं ग्रेड वेतन रु. 2800

वैयक्‍तिक सहायक ग्रेड-2 वेतन बैंड-2 रु. 9300-34800 एवं ग्रेड वेतन रु. 4200

वैयक्‍तिक सहायक ग्रेड-1 वेतन बैंड-2 रु. 9300-34800 एवं ग्रेड वेतन रु. 4600

(1)

(2)

(3)

(4)

1

1

-

-

2

1

1

-

3

2

1

-

4

2

1

1

5

2

2

1

6

3

2

1

7

4

2

1

8

4

3

1

9

5

3

1

10

5

3

2

(4) समिति की मंशा है कि सभी विभागों द्वारा आशुलिपिक संवर्ग का राज्‍य स्‍तरीय संवर्ग गिठत किया जाये ताकि प्रत्‍येक विभाग में नियुक्‍त आशुलिपिकों को प्रस्‍तावित त्रिस्‍तरीय प्रोन्‍नतियां अधिकाधिक संख्‍या में मिल सकें फिर भी वसे विभाग जहां आशुलिपिक संवर्ग का वर्तमान में एकीकृत संवर्ग नहीं है तथा एकीकृत संवर्ग बनाया जाना व्‍यवहारिक भी न हो वहां एक ही नियुक्‍ति प्राधिकारी स्‍तर से नियुक्‍त आशुलिपिकों के जनपदीय संवर्ग/क्षेत्रीय संवर्ग/मण्‍डलीय संवर्ग को एक अलग इकाई मानते हुए उपरोक्‍तानुसार संवर्गीय पुनर्गठन कर पदनाम व पुनरीक्षित वेतन संरचना में सादृश्‍य वेतन बैण्‍ड व ग्रेड वेतन का लाभ अनुमन्‍य कराया जाय।

(5) विभिन्‍न शैक्षणिक संस्‍थानों, स्‍वशासी संस्‍थाओं, स्‍थानीय निकायों, जल संस्‍थानों तथा विकास प्राधिकरणों आदि में विद्यमान आशुलिपिक संवर्ग के पदों के सम्‍बन्‍ध में संस्‍तुतियां उक्‍त संस्‍थाओं हेतु दी जाने वाली पदवार/संवर्गवार संस्‍तुतियों के साथ दी जायेंगी।

(6) उपर्युक्‍त संस्‍तुतियों के अनुसार सम्‍बन्‍धित पदों पर उच्‍चीकृत वेतनमान का लाभ तात्‍कालिक प्रभाव से अनुमन्‍य कराया जाय।

(7) आशुलिपिक संवर्ग के पदों का राज्‍य स्‍तर पर एकीकृत संवर्ग गिठत हो जाने के फलस्‍वरूप यदि किसी विभाग को संवर्ग के पदधारकों को पुनर्गठन का लाभ दिये जाने में किठनाई का अनुभाव हो तो उस स्‍थिति में सम्‍बन्‍धित विभाग संवर्ग को विकेन्‍द्रित कर उक्‍त पुनर्गठन का लाभ अनुमन्‍य किये जाने पर विचार कर सकते हैं।

2- कृपया उपर्युक्‍त निर्णय के कार्यान्‍वयन हेतु आवश्‍यक शासनादेश वित्‍त विभाग की सहमति से निर्गत करने का कष्‍ट करें।

भवदीय,

(अजय अग्रवाल)

विशेष सचिव, वित्‍त।