ASSURED CAREER PROGRESSION SCHEME For Local Bodies

संख्‍या-2244/9-1-10-21सा/2009

प्रेषक,

आलोक रंजन,

प्रमुख सचिव,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

निदेशक,

स्‍थानीय निकाय, उ.प्र.,

आठवाँ तल, इन्‍दिरा भवन,

लखनऊ।

नगर विकास अनुभाग-1                        लखनऊ : दिनांक 26 जुलाई, 2010

विषय:-वेतन समिति (2008) की संस्‍तुतियों पर लिये गये निर्णयानुसार नगरीय स्‍थानीय निकायों/जल संस्‍थानों के विभिन्‍न श्रेणी के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की व्‍यवस्‍था।

महोदय,

उपर्युक्‍त विषयक वेतन समिति, 2008 के द्वितीय प्रतिवेदन के माध्‍यम से की गयी संस्‍तुतियों के अनुरूप नगरीय स्‍थानीय निकायों/जल संस्‍थानों के विभिन्‍न श्रेणी के कार्मिकों को पुनरीक्षित वेतन संरचना एवं अन्‍य भत्‍ते एवं अन्‍य सुविधाओं का लाभ अनुमन्‍य किये जाने विषयक शासनादेश संख्‍या-609/9.1.08.21सा/09 दिनांक 27.02.2009 का कृपया संदभर् ग्रहण करने का कष्‍ट करें।

2. इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उक्‍त शासनादेश दिनांक 27.02.2009 के प्रस्‍तर-7 में की गयी व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत नगरीय स्‍थानीय निकायों/जल संस्‍थानों के विभिन्‍न श्रेणी के कार्मिकों को पुनरीक्षित वेतन संरचना में सुनिश्‍चित कैरियर प्रोन्‍नयन (ए.सी.पी.) की नई व्‍यवस्‍था निम्‍नवत लागू किये जाने की श्री राज्‍यपाल सहर्ष स्‍वीकृति प्रदान करते हैं :

(1) उक्‍त नई व्‍यवस्‍था पुनरीक्षित वेतन संरचना में दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2008 से प्रभावी होगी दिनांक 30 नवम्‍बर 2008 तक पुनरीक्षित वेतन संरचना में समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था ही लागू रहेगी। परिणामस्‍वरूप दिनांक 01 जनवरी, 2006 से लागू वेतनमानों में रू. 8000-13500 या उससे उच्‍च वेतनमान के पदधारकों के संबंध में समयमान वेतनमान की दिनांक 31 दिसम्‍बर 2005 तक प्रभावी पूर्व व्‍यवस्‍था दिनांक 30 नवम्‍बर 2008 तक लागू समझी जायेगी।

(2) (i) ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत सीधी भर्ती के किसी पद पर प्रथम नियमित नियुक्‍ति की तिथि से 10 वर्ष, 18 वर्ष व 26 वर्ष की अनवरत संतोषजनक सेवा के अधार पर तीन वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अगले ग्रेड वेतन इस प्रतिबन्‍ध के साथ दिये जायेंगे कि सम्‍बन्‍धित कार्मिक को प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन एक ही ग्रेड वेतन में 10 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर लेने पर प्रथम वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के ग्रेड वेतन में 08 वर्ष की निरन्‍तरता संतोषजनक सेवा पर द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन एवं द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के ग्रेड वेतन में 08 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा। निर्धारित सेवा अवधि पर वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य होने वाले ग्रेड वेतन वित्‍त विभाग के शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-2-1318/दस-59(एम)/2008 दिनांक 08 दिसम्‍बर 2008 के साथ संलग्‍न तालिका के अनुसार अनुमन्‍यता की तिथि से पूर्व देय ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन देय होगा। इस प्रकार किसी पद पर वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्राप्‍त होने वाला ग्रेड वेतन कतिपय मामलों में सम्‍बन्‍धित कार्मिक द्वारा धारित पद के ग्रेड वेतन तथा उसे पदोन्‍नति के पद के ग्रेड वेतन के मध्‍य का ग्रेड वेतन हो सकता है।

(ii) उपर्युक्‍तानुसार देय तीन स्‍तरोन्‍नयन दिनांक 01 जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन संरचना में ही अनुमन्‍य होगे।

(iii) संतोषजनक सेवा पूर्ण न होने के कारण यदि किसी कार्मिक को वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन विलम्‍ब से प्राप्‍त होता है तो उसका प्रभाव आने वाले अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन पर भी पड़ेगा अर्थात् अगले वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु निर्धारित अवधि की गणना वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के प्राप्‍त होने की तिथि से ही की जायेगी।

(iv) ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था लागू होने के पश्‍चात सीधी भर्ती के किसी पद पर प्रथम नियुक्‍ति के पश्‍चात संवर्ग में प्रथम पदोन्‍नति होने के उपरान्‍त केवल द्वितीय एवं तृतीय स्‍तरोन्‍नयन तथा वित्‍तीय पदोन्‍नति प्राप्‍त होने के उपरान्‍त तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ ही देय रह जायेगा। तीसरी पदोन्‍नति प्राप्‍त होने की तिथि के पश्‍चात किसी भी दशा में वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन का लाभ अनुमन्‍य न होगा। इस संदभर् में यह भी उल्‍लेखनीय है कि दिनांक 01 जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन संरचना में एक ही संवर्ग में यदि समान ग्रेड वेतन वाले पद पर पदोन्‍नति हुयी है, तो उसे भी वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु पदोन्‍नति माना जायेगा।

(v) प्रदेश के अन्‍य स्‍थानीय निकायों में समान ग्रेड वेतन में की गयी नियमित सेवा की वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के लिए गणना में लिया जायेगा परन्‍तु वसे मामलों में ए.सी.पी. की व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय किसी लाभ हेतु नये विभाग के पद पर परिवीक्षा अवधि संतोषजनक रूप से पूर्ण करने के पूर्व विचार नहीं किया जायेगा एवं संबंधित लाभ देय तिथि से ही अनुमन्‍य कराया जायेगा।

(vi) पूर्व में लागू समयमान वेतनमान की व्‍यवस्‍था तथा ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत एक ही संवर्ग में अनुमन्‍य कराये गये लाभ में संभावित किसी अन्‍तर को विसंगति नहीं माना जायेगा।

3. स्‍थानीय निकायह जल संस्‍थान के कार्मिकों के लिए समय-समय पर निर्गत शासनादेशों द्वारा की गयी व्‍यवस्‍था के अनुसार देय लाभ पुनरीक्षित वेतन संरचना में निम्‍नानुसार अनुमन्‍य कराये जायेंगे :-

(i) सम्‍बन्‍धित शासनादेशों की व्‍यवस्‍था के अनुसार निर्धारित सेवा अवधि की पूर्ति पर पद के साधारण वेतनमान अथवा प्रथम पदोन्‍नतीय वेतनमान में एक वेतनवृद्धि का लाभ देय होने पर वेतनवृद्धि की धनराशि की गणना पदधारक को तत्‍समय अनुमन्‍य मूल वेतन (बैण्‍ड वेतन एवं ग्रेड वेतन) के 3 प्रतिशत की दर से आगणित धनराशि को अगले 10 रूपये में पूर्णांकित करते हुए अनुमन्‍य करायी जायेगी तथा अगली सामान्‍य वेतनवृद्धि अगली पहली जुलाई को देय होगी।

(ii) प्रथम/द्वितीय पदोन्‍नतीय वेतनमान/ अगले वेतनमान के रूप में देय वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होने पर अनुमन्‍यता की तिथि को सम्‍बन्‍धित कार्मिक का वेतन, प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में देय ग्रेड वेतन अनुमन्‍य कराते हुए निर्धारित किया जायेगा और बैण्‍ड वेतन अपरिवर्तित रहेगा। उक्‍तानुसार निर्धारित बैण्‍ड वेतन यदि उस ग्रेड वेतन में सीधी भर्ती हेतु निर्धारित न्‍यूनतम बैण्‍ड वेतन से कम होता है तो सम्‍बन्‍धित पदधारक का बैण्‍ड वेतन उस सीमा तक बढ़ा दिया जायेगा।

(iii) प्रथम/द्वितीय पदोन्‍नतीय वेतनमान/अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में सम्‍बन्‍धित पदधारक को अगली वेतनवृद्धि न्‍यूनतम छ: माह की अवधि के उपरान्‍त पड़ने वाली पहली जुलाई को ही देय होगी, परन्‍तु प्रथम अथवा द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य अगले वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में अगली पहली जुलाई को किसी अधिकारी/कर्मचारी का मूल वेतन उसे यथास्‍थिति पद के वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन अथवा प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में निर्धारित मूल वेतन की तुलना में कम अथवा बराबर हो जाय, तो यथास्‍थिति प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान अथवा द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के रूप में अनुमन्‍य वेतनबैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में एक अतिरिक्‍त वेतनवृद्धि स्‍वीकृत करते हुए मूल वेतन पुननिर्धारित किया जायेगा।

(iv) समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत समयमान वेतनमान/सेलेक्‍शन ग्रेड अनुमन्‍य होने के उपरान्‍त सम्‍बन्‍धित कार्मिक की पदोन्‍नति उक्‍तानुसार प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान/सेलेक्‍शन ग्रेड के रूप में अनुमन्‍य वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन के पद पर होने की स्‍थिति में सम्‍बन्‍धित कार्मिक का वेतन निर्धारण 3 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देते हुए किया जायेगा तथा अगली सामान्‍य वेतनवृद्धि अगली पहली जुलाई को देय होगी।

(v) संवर्ग में वरिष्‍ठ कार्मिक को समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अनुसार देय लाभ अपुनरीक्षित वेतनमान में अनुमन्‍य होने तथा कनिष्‍ठ कार्मिक को वही लाभ पुनरीक्षित वेतन संरचना में अनुमन्‍य होने के फलस्‍वरूप यदि वरिष्‍ठ कार्मिक का वेतन कनिष्‍ठ के बराबर निर्धारित कर दिया जायेगा।

(vi) वसे मामलों में जहाँ किसी कारणवश प्रोन्‍नतीयह  अगले वेतनमान के रूप में देय वेतन बैण्‍ड एवं ग्रेड वेतन में परिवर्तन होता है तो समयमान वेतनमान की व्‍यवस्‍था के अधीन प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान भी तद्नुसार परिवर्तित रूप में अनुमन्‍य होंगे।

4. पुनरीक्षित वेतन संरचना में ए.सी.पी. लागू किये जाने की तिथि दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 को यदि कोई कर्मचारी धारित पद के साधारण वेतनमान में है और उसे सम्‍बन्‍धित पद पर समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत कोई लाभ अनुमन्‍य नहीं हुआ है तो ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था में लाभ अनुमन्‍य किये जाने हेतु अर्हकारी सेवा अवधि की गणना सम्‍बन्‍धित कर्मचारी के उक्‍त धारित पद के संदभर् में की जायेगी और ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत देय सभी लाभ उक्‍त आधार पर देय होंगे।

ऐसे कर्मचारी जो दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 को समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत कोई लाभ वैयक्‍तिक रूप से प्राप्‍त कर रहे हैं तो ऐसे कर्मचारियों को ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था में लाभ अनुमन्‍य किये जाने हेतु अर्हकारी सेवा अवधि की गणना सम्‍बन्‍धित कर्मचारी को अनुमन्‍य समयमान वेतनमान/ लाभ जिस पद के संदभर् में अनुमन्‍य किया गया है उस पद के संदभर् में की जायेगी। उक्‍त श्रेणी के कर्मचारियों को ए.सी.पी. की नई व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत देय लाभ दिनांक 01 दिसम्‍बर 2008 से अथवा उसके उपरान्‍त निम्‍नानुसार अनुमन्‍य होंगे:-

(i) समयमान वेतनमान की पूर्व व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत निर्धारित सेवा अवधि के आधार पर अनुमन्‍य अतिरिक्‍त वेतनवृद्धि को ए.सी.पी. के अन्‍तर्गत देय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन की अनुमन्‍यता हेतु संज्ञान में नहीं लिया जायेगा।

(ii) जिन्‍हें निर्धारित अवधि के आधार पर प्रथम प्रोन्‍नतीयह अथवा वेतनमान अनुमन्‍य हो चुका है, उन्‍हें उपर्युक्‍त लाभ 18 वर्ष की अनवरत संतोषजनक सेवा पूर्ण करने की तिथि अथवा दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2008 जो भी बाद में हो, से द्वितीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होगा। उक्‍त तिथि को सम्‍बन्‍धित कार्मिक को पूर्व में अनुमन्‍य प्रथम प्रोन्‍नतीयह अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा।

(iii) जिन्‍हें निर्धारित अवधि के आधार पर द्वितीय प्रोन्‍नतीयह अगला वेतनमान अनुमन्‍य हो चुका है, उन्‍हें उपर्युक्‍त लाभ 26 वर्ष की अनवरत संतोषजनक सेवा पूर्ण करने की तिथि अथवा दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2008 जो भी बाद में हो, से तृतीय वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होगा। उक्‍त तिथि को सम्‍बन्‍धित कार्मिक को पूर्व से अनुमन्‍य द्वितीय प्रोन्‍नतीय अगले वेतनमान के सादृश्‍य ग्रेड वेतन से अगला ग्रेड वेतन अनुमन्‍य होगा।

5. वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन अनुमन्‍य होने पर वेतन निर्धारण वित्‍त विभाग के शासनादेश दिनांक 04 मई, 2010 में वर्णित व्‍यवस्‍था के अनुसार किया जायेगा। तदोपरान्‍त कर्मचारी की उसी ग्रेड वेतन जो वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में अनुमन्‍य हुआ है, में नियमित पदोन्‍नति होने पर कोई वेतन निर्धारण नहीं किया जायेगा, परन्‍तु यदि पदोन्‍नति के पद का ग्रेड वेतन वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के रूप में प्राप्‍त ग्रेड वेतन से उच्‍च है तो बैण्‍ड वेतन अपरिवर्तित रहेगा और सम्‍बन्‍धित कार्मिक को पदोन्‍नति के पद का ग्रेड वेतन देय होगा।

6. वित्‍तीय स्‍तरोन्‍नयन के प्रकरण पर विचार किये जाने हेतु वही प्रक्रिया अपनायी जायेगी जैसा कि वित्‍त विभाग के शासनादेश दिनांक 04 मई, 2010 के प्रस्‍तर-5 में इंगित है।

7. सम्‍बन्‍धित पदधारकों द्वारा संशोधित विकल्‍प शासनादेश के जारी होने की तिथि से 90 दिन के अन्‍दर प्रस्‍तुत किया जा सकेगा।

8. नगरीय स्‍थानीय निकायों के कर्मचारियों/अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतन संरचना में उक्‍त सुविधा का लाभ दिये जाने के फलस्‍वरूप आने वाले अतिरिक्‍त व्‍यय भार को वहन करने के लिए राज्‍य सरकार द्वारा संक्रमण के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जा रही धनराशि के अतिरिक्‍त किसी भी प्रकार की कोई अतिरिक्‍त सहायता नहीं दी जायेगी और इसे वहन करने का उत्‍तरदायित्‍व संबंधित निकायह संस्‍था का होगा।

9. राज्‍य सरकार द्वारा स्‍थानीय निकायों को संक्रमण के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जाने वाली धनराशि में से कर्मचारियों के वेतन भत्‍तों हेतु आवश्‍यक धनराशि को आरक्षित करते हुए शेष बची धनराशि तथा अन्‍य श्रोतों से हुई आय की धनराशि से संबंधित निकाय अपनी अन्‍य विकास संबंधी प्रतिबद्धताओं की पूर्ति सुनिश्‍चित करेंगे। संक्रमण के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जाने वाली धनराशि कर्मचारियों के वेतन भत्‍तों हेतु आवश्‍यक धनराशि से कम होने की स्‍थिति में अपने श्रोतों से एकत्र धनराशि में से कमी की पूर्ति किये जाने के उपरान्‍त अवशेष धनराशि का उपयोग विकास कार्यों हेतु किया जायेगा। उक्‍त के फलस्‍वरूप आने वाले अतिरिक्‍त व्‍यय भार को संबंधित निकाय द्वारा ही वहन किया जायेगा।

10. यह आदेश वित्‍त विभाग के अशासकीय संख्‍या- 905/दस-09 दिनांक 20.07.2010 में प्राप्‍त उनकी सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।

भवदीय,

(आलोक रंजन)

प्रमुख सचिव।