उत्‍तर प्रदेश शासन

वित्‍त (सामान्‍य) अनुभाग-3

संख्‍या-सा-3-649/दस-2011-301/2000टी0सी0

लखनऊ : दिनांक : 11 जुलाई, 2011

कार्यालय - ज्ञाप

विषय :- राज्‍य सरकार के सिविल/ पारिवारिक पेंशनरों आदि को महंगाई राहत की स्‍वीकृति।

      अधोहस्‍ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि उपर्युक्‍त विषय पर वित्‍त विभाग के कार्यालय - ज्ञाप संख्‍या-सा-3-2238/दस-2011-301/2000 टीसी दिनांक 15 जनवरी, 2011 जिसके द्वारा महंगाई राहत दिनांक 01 जुलाई, 2010 से 45 प्रतिशत स्‍वीकृत की गयी थी, के क्रम में श्री राज्‍यपाल औसत उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक में इस बीच हुई वृद्धि की प्रतिपूर्ति हेतु उक्‍त संदिभर्त कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 22-01-2010 में उल्‍लिखित दरों का संशोधन करते हुए दिनांक 01 जनवरी, 2011 से महंगाई राहत की 06 प्रतिशत की एक और किश्‍त दिये जाने की सहर्ष स्‍वीकृति प्रदान करते हैं।

2- पेंशनरों को अनुमन्‍य महंगाई राहत में दिनांक 01जनवरी, 2011 से 06 प्रतिशत की उपर्युक्‍त बढ़ोत्‍तरी के फलस्‍वरूप पेंशन पर अनुमन्‍य महंगाई राहत की दर 45 प्रतिशत से बढ़कर 51प्रतिशत हो जायेगी।

3- महंगाई राहत की वसी धनराशि जो एक रूपये के आधे से कम आगणित होगी, उसे नजरअंदाज कर दिया जायेगा, जबकि आधे अथवा आधे से अधिक को पूर्ण रूपये के रूप में लिया जायेगा।

4- यह आदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशों, स्‍थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के सेवकों पर लागू नहीं होंगे। उनके संबंध में संबंधित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा। अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के संबंध में आदेश पृष्‍ठांकन संख्‍या-सा-3-जी.आई.-11/ दस-2011-301/2000, दिनांक 18 अप्रेल, 2011 द्वारा जारी किए जा चुके हैं।

5- यह आदेश शिक्षा/प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्‍तर्गत राज्‍य निधि से सहायता प्राप्‍त शिक्षण संस्‍थाओं के वसे पेंशनरों, जिन्‍हें शासकीय पेंशनरों के समान/पेंशन/पारिवाकर पेंशन अनुमन्‍य है, पर भी लागू होंगे।

6- शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्‍या-ए-1-252/दस-10(3)-81, दिनांक 27 अप्रेल, 1982 में निर्गत आदेशानुसार पेंशन पर अतिरिक्‍त राहत आदि के भुगतान के लिए महालेखाकार के प्राधिकार-पत्र की आवश्‍यकता नहीं है। अत: पेंशन भुगतान अधिकारियों द्वारा इस कार्यालय-ज्ञाप के आधार पर ही उपरोक्‍तानुसार अनुमन्‍य महंगाई राहत का भुगतान कर दिया जायेगा।

7- महंगाई राहत स्‍वीकृत करने के संबंध में अन्‍य शर्तें एवं प्रतिबन्‍ध, जो इससे संबंधित पूर्व शासनादेशों में निर्धारित है, पूर्ववत् लागू रहे गे।

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव, वित्‍त।