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वित्‍त (आय-व्‍ययक) -3

बी-3-1866(2)/दस-08-100(5)/08-भवन

5 जून, 2008

विषय:-राज्‍य कर्मचारियों को भवन निर्माण/क्रय करने के लिए अग्रिम।

     मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्‍यपाल महोदय ने चालू वित्‍तीय वर्ष 2008-09 में संलग्‍न तालिका में दिये गये राज्‍य के विभिन्‍न विभागाध्‍यक्षों आदि को उनके अधीन कार्यरत स्‍थाई तथा अस्‍थाई सरकारी कर्मचारियों/अधिकारियों को भवन निर्माण/क्रय करने के लिए अग्रिम स्‍वीकत करने हेतु उनके सम्‍मुख दी हुई धनराशि निम्‍नलिखित तथा वित्‍तीय हस्‍तपुस्‍तिका, खण्‍ड-5, भाग-1 के अध्‍याय-11 में दी हुई शर्तों पर आवंटित की है:-

(1)  अग्रिम स्‍वीकृति के पूर्व नियमों/आदेशों का भली-भांति अध्‍ययन कर उनका अनुपालन सुनिश्‍चित करना आवश्‍यक है तथा प्रत्‍येक प्रकरण का परीक्षण शासनादेश दिनांक 12-7-94 में निर्दिष्‍ट निर्देशानुसार किया जाय।

(2)  अग्रिम की धनराशि उस समय तक नहीं निकालनी चाहिए जब तक कि उसको वास्‍तव में व्‍यय करने की आवश्‍यकता न हो।

(3)  यदि अग्रिम का पूरा या कोई भाग उपयोग में नहीं लाया जाता है तो उसे तुरन्‍त खजाने में लौटा देना चाहिए।

(4)  स्‍वीकृत किये जाने वाले अगि्रमों का योग संलग्‍न तालिका में अंकित धनराशि से नहीं बढ़ना चाहिए।

2. भवन निर्माण/क्रय अग्रिमों पर ब्‍याज की दर अनन्‍तिम रूप से रूपये 50,000 तक स्‍वीकृत अग्रिम पर 7.5 प्रतिशत, रूपये 1,50,000 तक स्‍वीकृत अग्रिम पर 9.0 प्रतिशत, रूपये 5,00,000 तक स्‍वीकृत अग्रिम पर 11.0 प्रतिशत तथा रूपये 7,50,000 तक स्‍वीकृत अग्रिम पर 12.0 प्रतिशत प्रतिवर्ष होगी किन्‍तु ऋण/ब्‍याज के नियमित रूप से प्रतिदान/भुगतान किये जाने पर ब्‍याज में 2.5 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। अग्रिम स्‍वीकृत करने से पूर्व संबंधित अगि्रमी से इस आशय का लिखित आश्‍वासन प्राप्‍त कर लिया जाय कि जो भी दरें अन्‍तिम रूप से निर्धारित होगी वे उन्‍हे मान्‍य होगीं। विगत वित्‍तीय वर्षों में स्‍वीकृत किये गये अग्रिमों, जिनकी शेष किश्‍त/किश्‍तों का भुगतान होगा है उन मामलों में ब्‍याज की दर वही होगी जो कि पहली किश्‍त में व्‍यय प्रभावी थी।

3.   जिन कर्मचारियों को इसके पूर्व भवन निर्माण/क्रय हेतु अग्रिम स्‍वीकृत किया जा चुका है और उसकी एक या अधिक किश्‍तें दी जा चुकी हैं उन्‍हे आवंटित धनराशि शेष किश्‍त/किश्‍तों का भुगतान पहले किया जाये बशर्ते अन्‍य अपेक्षित औपचारिकताओं की पूर्ति हो गई हो इसके बाद जो धनराशि बचे उसमें से अग्रिम की स्‍वीकृति वांछित समस्‍त औपचारिकताओं की पूर्ति सुनिश्‍चित करने के बाद शासनादेश संख्‍या बी-3-4446/दस-85, दिनांक 19.9.85 के साथ पिठत शासनादेश संख्‍या बी-3-2245/दस-85- 1(1)/77-भवन, दिनांक 20.4.85 में दी गई प्रक्रियानुसार ‘‘प्रथम आगत प्रथम प्रदत्‍त’’ सिद्धान्‍त के आधार पर दी जाय। स्‍वीकृत की जाने वाली धनराशि के भुगतान हेतु किश्‍तों के निर्धारण के संबंध में शासनादेश बी-3-2585/दस-84-1(11)/79-भवन, दिनांक 4.8.84 के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्‍चित किया जाय।

4.   चालू वित्‍तीय वर्ष में स्‍वीकृत किये जाने वाले अगि्रमों और उनमें से भुगतान की जाने वाली प्राधिकृत धनराशियों को एक रजिस्‍टर में दर्ज किया जाना चाहिए और विलम्‍बतम् 31.12.2008 तक इस अनुभाग को निम्‍नतालिका में एक आख्‍या प्रेषित की जाय:-

शासनादेश संख्‍या व दिनांक जिसके द्वारा धनराशि आवंटित की गई

आवंटित धनराशि

आवंटित धनराशि में से भुगतान हेतु स्‍वीकृत धनराशि

शासन को समर्पण हेतु अवशेष धनराशि, यदि कोई हो

1

2

3

4

5.   आवंटित धनराशि में से किये गये व्‍यय का शासनादेश संख्‍या बी-3-3758/दस-92-20(8)/ 92, दिनांक 17.8.92 के अनुसार महालेखाकार कार्यालय में पुस्‍तांकित आंकड़ों से मिलान करके वांछित विवरण-पत्र निर्धारित प्रपत्र में निर्धारित तिथि के अन्‍दर शासन को अवश्‍य भेज दिया जाय। उक्‍त संदिभर्त शासनादेश दिनांक 17.8.92 की अपेक्षानुसार वर्ष 2006-07 व 2007-08 के आंकड़ों के मिलान की कार्यवाही न किये जाने की दशा में संबंधित विभागों को अतिरिक्‍त धनराशि आवंटित करने पर सामान्‍य दशा में विचार करना संभव न होगा। अतिरिक्‍त राशि के आवंटन हेतु मांग-पत्र भेजते समय इस बात का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया जाय कि पूर्व आवंटित राशि का उपयोग कर लिया गया है और आंकड़ों के मिलान की कार्यवाही कर ली गई है।

6-    भवन निर्माण/क्रय अग्रिम स्‍वीकृति से संबंधित आदेश पत्र में संबंधित कर्मचारी का मूलवेतन तथा सेवा निवृत्‍ति की तिथि का उल्‍लेख अवश्‍य किया जाय।

7-    भवन निर्माण अग्रिम की स्‍वीकृति से संबंधित आदेश पत्र की एक प्रति इस अनुभाग को अवश्‍य भेजी जाय।

8-    आवंटित उक्‍त मद की राशि में से भवन मरम्‍मत/विस्‍तार हेतु अग्रिम नहीं स्‍वीकृत किया जायेगा।

9- पर्वतीय क्षेत्र के कर्मचारियों को जो कि उसी क्षेत्र के रहने वाले हो और उसी क्षेत्र में भवन निर्माण/ क्रय हेतु अग्रिम चाहते हों, को इसी आवंटित राशि में से अग्रिम स्‍वीकृत किया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्र के कर्मचारियों हेतु पृथक से कोई राशि आवंटित नहीं की जायेगी।

10-   अग्रिम की धनराशि के भुगतान को चालू वित्‍तीय वर्ष 2008-09 के आय-व्‍ययक में वित्‍त विभाग की अनुदान संख्‍या-61 के अन्‍तर्गत लेखाशीर्षक ‘‘7610-सरकारी कर्मचारियों को कर्ज आदि आयोजनेत्‍तर-201-भवन निर्माण अग्रिम-04-भवन निर्माण या क्रय के लिए अग्रमि-30 निवेश/ऋण’’ के नामें लिखा जाना चाहिए।

11-   भवन निर्माण/क्रय अग्रिम स्‍वीकृत करते समय उपर्युक्‍त नियमों/निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्‍चित किया जाय।

12-   कृपया इस शासनादेश की प्राप्‍ति स्‍वीकार करें।

नील रतन कुमार,

संयुक्‍त सचिव।