संख्‍या-जी-2-176/दस-2011-216-79

प्रेषक,

वृन्‍दा सरूप,

प्रमुख सचिव,

उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष,

उत्‍तर प्रदेश।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-2         

      लखनऊ : दिनांक : 11 अप्रेल, 2011

विषय- महिला सरकारी सेवकों को बाल्‍य देखभाल अवकाश की अनुमन्‍यता।

महोदय,

     उपर्युक्‍त विषयक कार्यालय ज्ञाप संख्‍या-जी-2-2017/दस-2008-216-79, दिनांक 08-12-2008 तथा कार्यालय ज्ञाप संख्‍या-जी-2-573/दस-2009- 216-79, दिनांक 24-3-2009 द्वारा प्रदेश की महिला सरकारी सेवकों को केन्‍द्र सरकार की महिला कर्मचारियों की भांति बाल्‍य देखभाल अवकाश की सुविधा कतिपय शर्तों के अधीन प्रदान की गयी थी। चूंकि भारत सरकार द्वारा उक्‍त शर्तों में कतिपय संशोधन किए गए हैं अत: सम्‍यक् विचारोपरान्‍त श्री राज्‍यपाल महोदय संदभर्गत शासनादेशों में उल्‍लिखित शर्तों को निम्‍नवत संशोधित करने की सहर्ष स्‍वीकृति प्रदान करते हैं:-

(1)- संबंधित महिला कर्मचारी के अवकाश लेखे में उपार्जित अवकाश देय होते हुए भी बाल्‍य देखभाल अवकाश अनुमन्‍य होगा।

(2)- बाल्‍य देखभाल अवकाश को एक कलैण्‍डर वर्ष के दौरान तीन बार से अधिक नहीं दिया जायेगा।

(3)- बाल्‍य देखभाल अवकाश को 15 दिनों से कम के लिए नहीं दिया जायेगा।

(4)- बाल्‍य देखभाल अवकाश को साधारणतया परिवीक्षा अवधि के दौरान नहीं दिया जायेगा, वसे मामलों को छोड़कर जहाँ अवकाश देने वाला प्राधिकारी परिवीक्षार्थी की बाल्‍य देखभाल अवकाश की आवश्‍यकता के बारे में पूर्ण रूप से संतुष्‍ट न हो। इसे भी सुनिश्‍चित किया जायेगा कि परीवीक्षा अवधि के दौरान अवकाश दिया जा रहा है तो इस अवकाश की अवधि कम-से-कम हो।

(5)- बाल्‍य देखभाल अवकाश को अर्जित अवकाश के समान माना जायेगा और उसी प्रकार से स्‍वीकृत किया जायेगा।

2-  यदि किसी महिला कर्मचारी द्वारा दिनांक 08-12-2008 के कार्यालय ज्ञाप के जारी होने के पश्‍चात, बाल्‍य देखभाल के प्रयोजन हेतु अर्जित अवकाश लिया गया है तो उसके अनुरोध पर उक्‍त अर्जित अवकाश को बाल्‍य देखभाल अवकाश में समायोजित किया जा सकेगा।

3-  शासनादेश संख्‍या जी-2-2017/दस-2008-216-79, दिनांक 08-12-2008 तथा शासनादेश संख्‍या जी-2-573/दस-2009-216-79 दिनांक 24-03-2009 इस सीमा तक संशोधित समझे जायेंगे।

4-  संगत अवकाश नियमों में आवश्‍यक संशोधन यथासमय किये जायेंगे।

भवदीया,

(वृन्‍दा सरूप)

प्रमुख सचिव, वित्‍त।