Administrative Reforms- Miscellaneous

चिकित्‍सा अनुभाग-2

396/सेक-2-पांच-08-7(26)/08

09 फरवरी, 2008

विषय:-55 वर्ष से अधिक आयु वाले चिकित्‍सकों को पोस्‍टमार्टम तथा आकस्‍मिक ड्यूटी से छूट प्रदान किए जाने के संबंध में।

     उपर्युक्‍त विषयक अपने पत्र संख्‍या-महा.नि./कैम्‍प/08/98, दिनांक 25.1.08 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें, जिसके द्वारा अवगत कराया गया है कि महानिदेशालय के परिपत्र संख्‍या-11फ/145/शव विच्‍छेदन/2290, दिनांक 08.12.03 में यह व्‍यवस्‍था है कि ‘‘55 वर्ष आयु के ऊपर वाले चिकित्‍साधिकारियों की आकस्‍मिक ड्यूटी एवं शव विच्‍छेदन कार्य से छूट प्रदान की जाती है तथा 55 वर्ष से कम आयु वाले समस्‍त स्‍तर के अधिकारियों (प्रशासनिक पद धारित अधिकारियों को छोड़कर) को आकस्‍मिक ड्यूटी एवं शव विच्‍छेदन कार्य करने होंगे तथा आँन-काल की व्‍यवस्‍था पूर्व की भाँति यथावत् जारी रहेगी।’’ किन्‍तु ऐसा संज्ञान में लाया गया है कि उक्‍त परिपत्र दिनांक 08.12.2003 में दिये गये निर्देशों की भली-भाँति अनुपालन नहीं किया जा रहा है और 55 वर्ष से अधिक आयु वाले चिकित्‍सकों की वी.आई.पी. ड्यूटी, एम्‍बुलेंस ड्यूटी, इण्‍डोर ड्यूटी, आई.सी.सी.यू. ड्यूटी, विधान सभा ड्यूटी इत्‍यादि भी नहीं लगायी जा रही है, जिसके कारण 55 वर्ष से कम आयु वाले चिकित्‍सकों के ऊपर आवश्‍यकता से अधिक भार पड़ रहा है और वर्तमान में चिकित्‍सकों की कमी के कारण चिकित्‍सालय के कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ चिकित्‍सकों में असंतोष भी व्‍याप्‍त हो रहा है।

2.   अत: इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उपरोक्‍त स्‍थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 55 वर्ष की आयु से ऊपर वाले चिकित्‍साधिकारियों को केवल शव विच्‍छेदन एवं इमरजेंसी ओ.पी.डी. (मेडिको लीगल कार्य) से ही छूट प्राप्‍त होगी। किन्‍तु यह सभी चिकित्‍सक अन्‍य ड्यूटी, जैसे इमरजेंसी इण्‍डोर/आई.सी.सी.यू./वी.आई.पी./एम्‍बुलेंस/विधान सभा/मुख्‍य मंत्री आवास/आँन काल ड्यूटी आदि सामान्‍य रूप से 55 वर्ष से कम आयु के चिकित्‍सकों (प्रशासनिक पदधारित अधिकारियों को छोड़कर) की भाँति करते रहेंगे। लेवल के आधार पर किसी प्रकार की छूट प्रदान नहीं की जायेगी। यह भी स्‍पष्‍ट किया जाता है कि अपरिहार्य परिस्‍थितियों में अन्‍य चिकित्‍सकों की अनुपलब्‍धता की दशा में 55 वर्ष से अधिक आयु के चिकित्‍सकों द्वारा भी शव विच्‍छेदन एवं आकस्‍मिक ड्यूटी भी करनी होगी।

3.   उक्‍त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्‍चित किया जाय।

नीता चौधरी, प्रमुख सचिव।