Reservation for Freedom Fitters, Defense and Disabled

कार्मिक अनुभाग-2

18/1/2008-को-2-20081

लखनऊ, दिनांक, 03 फरवरी, 2008

कार्यालय-ज्ञाप

लोक सेवाओं और पदों पर सीधी भर्ती के माध्‍यम से नियुक्‍तियों के प्रक्रम पर विकलांगों को आरक्षण अनुमन्‍य कराने के प्रयोजन से उत्‍तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993 यथा संशोधित प्रख्‍यापित है। विकलांगों को सीधी भर्ती एवं प्रोन्‍नति में आरक्षण की अनुमन्‍यता एवं तत्‍संबंधी प्रक्रिया तथा आरक्षण संबंधी रोस्‍टर के क्रियान्‍वयन इत्‍यादि बिन्‍दुओं को सम्‍मिलित करते हुए भारत सरकार द्वारा कार्यालय ज्ञाप दिनांक 29.12.2005 एवं दिनांक 26.4.2006 निर्गत किया गया है।

2. भारत सरकार द्वारा निर्गत उपरांकित कार्यालय ज्ञाप में विहित प्राविधानों/प्रक्रियाओं को सम्‍यक् विचारोपरान्‍त प्रदेश सरकार की सेवाओं/पदों पर नियुक्‍तियों/पदोन्‍नतियों के प्रक्रमों पर लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। अत: विकलांगों को सीधी भर्ती एवं प्रोन्‍नति के प्रक्रम पर आरक्षण की अनुमन्‍यता विषयक संदर्भगत कार्यालय ज्ञापों में विहित प्राविधानों/अपनायी जाने वाली प्रक्रियाओं से संबंधित दिशा निर्देशों को संलग्‍न करते हुए मुझे आपसे यह कहने का निर्देश हुआ है कि संलग्‍नक में उल्‍लिखित प्राविधानों/प्रक्रियाओं को सभी अधीनस्‍थ प्राधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए कृपया सभी स्‍तरों पर उनका कड़ाई से अनुपालन कराने का कष्‍ट करें।

3. विकलांगों के आरक्षण के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा इस कार्यालय ज्ञाप से पूर्व निर्गत शासनादेश उपर्युक्‍त कार्यालय-ज्ञापों में विहित प्राविधानों से असंगति की सीमा तक संशोधित समझे जायेंगे।

संलग्‍नक : यथोपरि।

जे.एस.दीपक

प्रमुख सचिव।

विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षण की अनुमन्‍यता विषयक भारत सरकार द्वारा निर्गत कार्यालय ज्ञाप दिनांक 29.12.2005 एवं कार्यालय ज्ञाप दिनांक 26.4.2006 में उल्‍लिखित प्राविधान एवं दिशा-निर्देश ।

1. विकलांगों हेतु आरक्षण की यात्रा-

(i) समूह क, ख, ग और घ पदों पर सीधी भर्ती के मामले में तीन प्रतिशत रिक्‍तियां, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित रखी जाएगी जिसमें से एक-एक प्रतिशत रिक्‍तियां -(i) दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि (ii) श्रवण हा्रस और (iii) चलनक्रिया सम्‍बन्‍धी नि:शक्‍तता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात (फालिज) से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उन विकलांगताओं के लिए उपयुक्‍त पहचाने गये पदों में आरक्षित होंगी।

(ii) समूह घ और ग के पदों पर जिनमें सीधी भर्ती का अंश 75 प्रतिशत से अधिक नहीं हो, पदोन्‍नति के मामले में तीन प्रतिशत रिक्‍तियां विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित रखी जाएगी, जिसमें से एक-एक प्रतिशत रिक्‍तियां (i) दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि, (ii)श्रवणहा्रस और चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात (फालिज) से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उन विकलांगताओं के लिए उपयुक्‍त पहचाने गये पदों में आरक्षित होंगी।

2. विकलांगों हेतु आरक्षण से छूट

यदि कोई विभाग विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षण के प्रावधान से किसी प्रतिष्‍ठान को अंशत: अथवा पूर्णतया मुक्‍त रखना आवश्‍यक समझे तो वह ऐसे प्रस्‍ताव का पूर्ण औचित्‍य दर्शाते हुए विकलांग कल्‍याण विभाग के माध्‍यम से मा. मुख्‍यमंत्री जी को संदर्भ प्रेषित कर सकता है। छूट प्रदान किये जाने के बारे में मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विचार किया जाएगा। मा. मुख्‍यमंत्री जी के अनुमोदन के उपरान्‍त विकलांग कल्‍याण विभाग द्वारा छूट प्रदान करने विषयक आदेश निर्गत किये जाएंगे।

3. उपयुक् नौकरियों/पदों की पहचान

विकलांग कल्‍याण विभाग द्वारा अपनी अधिसूचनाओं के माध्‍यम से विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त नौकरियों/पदों का तथा ऐसी सभी नौकरियों/पदों से संबंधित शारीरिक अपेक्षाओं का पता लगा लिया है। उक्‍त अधिसूचनाओं में दर्शायी गयी समय-समय पर यथा संशोधित नौकरियां/पद, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को तीन प्रतिशत आरक्षण को प्रभाव में लाने के लिए प्रयोग में लायी जाएगी। तथापित यह ध्‍यान रहे कि-

(क) किसी नौकरी/पद के लिए प्रयुक्‍त नामावली में सदृश्‍य कामकाज वाली अन्‍य तुलनीय नौकरियों/पदों के लिए प्रयुक्‍त नामावली भी शामिल होगी।

(ख) विकलांग कल्‍याण विभाग द्वारा अधिसूचित नौकरियां/पदों की सूची नि:शेष (Exhaustive) नहीं है। संबंधित विभागों को विकलांग कल्‍याण विभाग द्वारा पहले से ही उपयुक्‍त पहचानी गयी नौकरियों/पदों के अतिरिक्‍त नौकरियों/पदों की पहचान करने का विवेकाधिकार होगा। यथापि कोई भी विभाग/प्रतिष्‍ठान अपने विवेकाधिकार से उपयुक्‍त पहचानी गयी किसी नौकरी/पद को आरक्षण के दायरे से अपवर्जित नहीं कर सकेगा।

(ग) यदि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त पहचानी गयी कोई नौकरी/पद वेतनमान में अथवा अन्‍यथा बदलाव के कारण एक समूह अथवा ग्रेड से किसी दूसरे समूह अथवा ग्रेड में तब्‍दील हो जाय तो भी वह नौकरी/पद उपयुक्‍त पहचाना गया बना रहेगा।

4. एक अथवा दो श्रेणियों के लिए उपयुक्‍त पहचाने गये पदों में आरक्षण

यदि कोई पद विकलांगता की एक श्रेणी के लिए ही उपयुक्‍त चिन्‍हित किया गया हो तो उस पर में आरक्षण उस विकलांगता वाले व्‍यक्‍तियों को ही दिया जाएगा। ऐसे मामलों में तीन प्रतिशत का आरक्षण कम नहीं किया जाएगा तथा उस पद में पूर्ण आरक्षण, उस विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को जायगा जिसके लिए वह चिन्‍हित किया गया हो। इसी तरह किसी पद के विकलांगता की दो श्रेणियों के लिए चिन्‍हित किये गये होने की तिथि में जहां तक सम्‍भव हो आरक्षण विकलांगता की उन दोनों श्रेणियों के व्‍यक्‍तियों के बीच समान रूप से विभाजित कर दिया जाएगा, तथापि यह सुनिश्‍चित किया जायेगा कि अधिष्‍ठान में आरक्षण, विभिन्‍न पदों में इस तरह विभाजित किया जाय कि विकलांगता की तीन श्रेणियों के व्‍यक्‍तियों को यथा सम्‍भव समान प्रतिनिधित्‍व मिले।

5. अनारक्षित रिक्तियों पर नियुक्ति

विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त चिन्‍हित किये गये पदों में, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति को किसी अनारक्षित रिक्‍ति पर नियुक्‍ति के लिए प्रतिस्‍पर्धा करने से मना नहीं किया जा सकता इस तरह विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति को किसी अनारक्षित रिक्‍ति पर नियुक्‍त किया जा सकता है बशर्ते कि पद संगत श्रेणी की विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए चिन्‍हित किया गया हो।

6. अपनी ही योग्यता पर चयनित उम्मीदवारों का समायोजन

मानदण्‍डों में बिना किसी शिथिलीकरण के अपनी ही योग्‍यता के आधार पर अन्‍य उम्‍मीदवारों के साथ चुने गये विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति रिक्‍तियों के आरक्षित भाग में समायोजित नहीं किये जाएंगे। आरक्षित रिक्‍तियां, विकलांगता से ग्रस्‍त पात्र उम्‍मीदवारों में से अलग से भरी जाएगी जिनमें ऐसे शारीरिक रूप से वे विकलांग उम्‍मीदवार सम्‍मिलित होंगे जो योग्‍यता सूची में अन्‍तिम उम्‍मीदवार से योग्‍यता में नहीं होंगे, परन्‍तु नियुक्‍ति हेतु अन्‍यथा, यदि आवश्‍यक हो तो शिथिलीकृत मानदण्‍डों से उपयुक्‍त पाये जायेंगे। ऐसी सीधी भर्ती एवं पदोन्‍नति दोनों मामलों में जहां भी विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षण अनुमन्‍य हो लागू होगा ।

7. विकलांगताओं की परिभाषा

विचाराधीन कार्यालय-ज्ञाप के प्रयोजन से विकलांगता की श्रेणियों की परिभाषाएं नीचे दी गयी हैं-

(i) (क) दृष्‍टिहीनता का तात्‍पर्य ऐसी परिस्‍थिति से है जहां कोई व्‍यक्‍ति निम्‍नलिखित दशाओं में से किसी से ग्रसित हो अर्थात-

(एक) दृष्‍टिगोचरता का पूर्ण अभाव, या

(दो) सुधारक लेंसों के साथ बेहतर लेंसों के साथ आँख में 6/60 या 20/200 (सेनालिन) से अनधिक दृष्‍टि की तीक्षणता या

(तीन) जिसकी दृष्‍टि क्षेत्र की सीमा 20 डिग्री के कोण के कक्षान्‍तरित होना या अधिक खराब होना

(चार) कमदृष्‍टि ऐसी परिस्‍थिति को निर्दिष्‍ट करती है जहां ऐसा कोई व्‍यक्‍ति उपचार या मानक उपवर्धनीय सुधार के पश्‍चात भी दृष्‍टि संबंधी कृत्‍य के हा्रस ग्रसित हो किन्‍तु वह समुचित सहायक व्‍यक्‍ति से किसी कार्य की योजना या निष्‍पादन के लिए दृष्‍टि का उपयोग करता हो या उपयोग करने में सम्‍भाव्‍य रूप से समर्थ हो।

(ख) श्रवणहा्रस का तात्‍पर्य सम्‍वाद संबंधी रेंज की आवृत्‍त िमें बेहतर कर्ण में 60 डेसीबल या अधिक की हानि से है।

(ग) चलन प्रक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता का तात्‍पर्य हडि्डयों, मांसपेसियों की ऐसी नि:शक्‍तता से है जिससे अंगों की गति में पर्याप्‍त निर्बन्‍धन या किसी प्रकार का प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात हो।

(कक) प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात का तात्‍पर्य विकास की प्रसव पूर्व प्रसव कालीन या शैशवकाल में होने वाले मस्‍तिष्‍क के तिरस्‍कार या क्षति से पारिणामिक असमान्‍य प्रेरक नियंत्रण स्‍थिति के लक्षणों से युक्‍त व्‍यक्‍ति की अविकासशील दशाओं के समूह से है।

8-आरक्षण के लिए विकलांगता की मात्रा

केवल ऐसे व्‍यक्‍ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे जो कम से कम 40 प्रतिशत संगत विकलांगता से ग्रस्‍त हों। जो व्‍यक्‍ति आरक्षण का लाभ उठाना चाहता हो उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रारूप (अनुलग्‍नक-1) में जारी किया गया विकलांगता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करना होगा।

9-विकलांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी

विकलांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए राज्‍य सरकार द्वारा विधिवत रूप से गठित मेडिकल बोर्ड सक्षम प्राधिकारी होगा। राज्‍य सरकार मेडिकल बोर्ड का गठन कर सकती है जिसमें कम से कम तीन सदस्‍य होंगे। इन सदस्‍यों में कम से कम एक सदस्‍य चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात/ दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि की विकलांगता/श्रवण हा्रस जैसा भी मामला हो, का मूल्‍यांकन करने के लिए क्षेत्र विशेष का विशेषज्ञ होना चाहिए।

10- मेडिकल बोर्ड समुचित जांच पड़ताल के पश्‍चात स्‍थायी विकलांगता के ऐसे मामलों में स्‍थायी विकलांगता प्रमाण-पत्र जारी करेगा, जहां विकलांगता की मात्रा में परिवर्तन होने की कोई गुंजाइश न हो।। मेडिकल बोर्ड ऐसे मामलों में प्रमाण-पत्र की वैधता की अवधि इंगित करेगा जिनमें विकलांगता की मात्रा में परिवर्तन होने की गंुजाइश हो। विकलांगता प्रमाण-पत्र जारी किये जाने से तब तक इंकार नहीं किया जाएगा जब तक आवेदक को उसका पक्ष सुनने का अवसर न दे दिया जाय। आवेदक द्वारा अभ्‍यावेदन देने के पश्‍चात मेडिकल बोर्ड मामले के सभी तथ्‍यों और परिस्‍थितियों को ध्‍यान में रखते हुए अपने निर्णय की समीक्षा कर सकता है और उस मामले में अपने विवेकानुसार आदेश दे सकता है।

11- नियोक्‍ता प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित रिक्‍ति पर आरम्‍भिक नियुक्‍ति और पदोन्‍नति के समय वह यह सुनिश्‍चित करें कि उम्‍मीदवार आरक्षण का लाभ प्राप्‍त करने का पात्र है।

12. आरक्षण की गणना

समूह ग और घ पदों के मामले में विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के आरक्षण की गणना अधिष्‍ठान में समूह ग अथवा समूह घ पदों में होने वाली रिक्‍तियों की कुल संख्‍या के आधार पर की जायेगी, यद्यपि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों की भर्ती, केवल उनके लिए उपयुक्‍त चिव्‍हित किये गये पदों पर ही की जाएगी। किसी अधिष्‍ठान में समूह ग पदों पर सीधी भर्ती के मामले में, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित की जाने वाली रिक्‍तियों की संख्‍या का आंकलन, अधिष्‍ठान के अन्‍तर्गत उपयुक्‍त चिव्‍हित किये गये और उपयुक्‍त न चिव्‍हित किये गये दोनों तरह के समूह ग पदों में एक भर्ती वर्ष में सीधी भर्ती के लिए होने वाली रिक्‍तियों की कुल संख्‍या को ध्‍यान में रखकर की जाएगी। यही प्रक्रिया समूह घ पदों पर लागू होगी। इसी प्रकार समूह ग और घ पदों में पदोन्‍नति के मामले में आरक्षण का आंकलन करते समय पदोन्‍नति कोटे की सभी रिक्‍तियों को ध्‍यान में रखा जाएगा। चूंकि आरक्षण चिव्‍हित किये गये पदों तक ही सीमित है और आरक्षित रिक्‍तियों की संख्‍या का आंकलन चिन्‍हित/अचिन्‍हित किये गये पदों में कुल रिक्‍तियों के आधार पर किया जाता है, अत: किसी चिव्‍हित किये गये पद पर आरक्षण द्वारा नियुक्‍त किये गये व्‍यक्‍तियों की संख्‍या 03 प्रतिशत से अधिक हो सकती है।

13-समूह क पदों में विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों की संख्‍या 03 प्रतिशत से अधिक हो सकती है। समूह क के सभी उपयुक्‍त चिव्‍हित किये गये पदों में सीधी भर्ती कोटे में होने वाली रिक्‍तियों के आधार पर किया जाएगा। आंकलन का यह तरीका समूह ख पदों के लिए भी लागू है।

14- आरक्षण लागू करना-रोस्टरों का रख-रखाव

(क) विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षण निर्धारित करने/लागू करने के लिए सभी अधिष्‍ठान अनुलग्‍नक-ii में दिये गये प्रपत्र के अनुसार, 100 बिन्‍दुओं वाला रोस्‍टर बनायेंगे। सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह क पदों के लिए सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह ख पदों के लिए सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह ग पदों के लिए पदोन्‍नति के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह ग के पदों के लिए सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह घ पदों के लिए और पदोन्‍नति के माध्‍यम से भरे जाने वाले समूह घ पदों के लिए अलग-अलग एक-एक आरक्षण रोस्‍टर होगा।

(ख) प्रत्‍येक रजिस्‍टर में 100 बिन्‍दुओं के चक्र होंगे और 100 बिन्‍दुओं का प्रत्‍येक चक्र तीन खण्‍डों में विभाजित होगा जिसमें निम्‍नलिखित बिन्‍दु होंगे:-

प्रथम खण्‍ड- बिन्‍दु संख्‍या-1 से बिन्‍दु संख्‍या-33

द्वितीय खण्‍ड- बिन्‍दु संख्‍या-34 से बिन्‍दु संख्‍या-66

तृतीय खण्‍ड- बिन्‍दु संख्‍या-67 से बिन्‍दु संख्‍या-100

(ग) रोस्‍टर के 1, 34 और 67 संख्‍या के बिन्‍दु विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित चिन्‍हित किये जाएंगे जिनमें विकलांगता की तीनों श्रेणियों के लिए एक-एक बिन्‍दु होगा। अधिष्‍ठान अध्‍यक्ष सभी संगत तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए यह निर्धारित करेगा कि बिन्‍दु संख्‍या-1, 34 और 67 किस श्रेणी के विकलांगों के लिए आरक्षित होंगे।

(घ) अधिष्‍ठान में सीधी भर्ती कोटे के अन्‍तर्गत समूह ग पदों में होने वाली सभी रिक्‍तियों की प्रविष्‍टि, संगत रोस्‍टर रजिस्‍टर में की जाएगी। यदि बिन्‍दु संख्‍या-1 पर आने वाला पद, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त नहीं पहचाना गया है अथवा अधिष्‍ठान अध्‍यक्ष इसे विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति के द्वारा भरा जाना संभव नहीं है तो बिन्‍दु संख्‍या-2 से 33 तक किसी भी बिन्‍दु पर आने वाली किसी रिक्‍ति को विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति के लिए आरक्षित माना जाएगा और इसे तद्नुसार भरा जाएगा। इसी प्रकार बिन्‍दु संख्‍या-34 से 66 तक अथवा 67 से 100 तक, किसी भी बिन्‍दु पर आने वाली रिक्‍ति को विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों से भरा जाएगा। बिन्‍दु संख्‍या-1,34 और 67 का आरक्षित रखने का उद्देश्‍य बिन्‍दु 1 से 33 तक की प्रथम उपलब्‍ध उपयुक्‍त रिक्‍ति बिन्‍दु 34 से 66 तक प्रथम उपलब्‍ध उपयुक्‍त रिक्‍ति और बिन्‍दु 67 से 100 तक की प्रथम उपलब्‍ध उपयुक्‍त रिक्‍ति को, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों से भरे जाने का है।

(ङ) इस बात की सम्‍भावना है कि बिन्‍दु संख्‍या-1 से 33 तक कोई भी रिक्‍ति, विकलांगता से ग्रस्‍त किसी भी श्रेणी के लिए उपयुक्‍त न हो। उस स्‍थिति मे बिन्‍दु संख्‍या-34 से 66 तक 02 रिक्‍तियां, विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों से आरक्षित रिक्‍तियों के रूप में भरी जाएंगी। यदि बिन्‍दु संख्‍या 34 से 66 तक की रिक्‍तियां, किसी भी श्रेणी के लिए उपयुक्‍त नहीं हो तो बिन्‍दु 67 से 100 तक के तीसरे खण्‍ड में से तीन रिक्‍तियां आरक्षित रिक्‍तियों के रूप में भरी जाएगी। अभिप्राय यह है कि यदि किसी खण्‍ड विशेष में कोई रिक्‍ति आरक्षित नहीं की जा सकती हो तो वह अगले खण्‍ड में अग्रनीत की जाएगी।

(च) रोस्‍टर के सभी 100 बिन्‍दु पूरे होने के पश्‍चात् 100 बिन्‍दुओं का एक नया चक्र शुरू होगा।

(छ) यदि एक वर्ष में रिक्‍तियों की संख्‍या केवल इतनी है कि उसमें केवल एक अथवा दो खण्‍ड ही आते ध तो इसका विवेकाधिकार अधिष्‍ठान के अध्‍यक्ष में निहित होगा कि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों की किस श्रेणी को पहले समायोजित किया जाय तथा इस बात का निर्णय अधिष्‍ठान द्वारा पद के स्‍वरूप संबंधित ग्रेड/पद इत्‍यादि में विकलांगता से ग्रस्‍त विशिष्‍ट श्रेणी के प्रतिनिधित्‍व के स्‍तर के आधार पर किया जायेगा।

(ज) पदोन्‍नति द्वारा भरे जाने वाले समूह ग पदों के लिए एक अलग रोस्‍टर बनाया जायेगा और विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को आरक्षण दिये जाने के लिए उपर्युक्‍त वर्जित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इसी तरह घ पदों के लिए भी दो अलग रोस्‍टर बनाये जाएंगे, एक सीधी भर्ती के माध्‍यम से भरे जाने वाले पदों के लिए और दूसरा पदोन्‍नति के माध्‍यम से भरे जाने वाले पदों के लिए।

(झ) समूह क और समूह ख पदों में आरक्षण का निर्धारण केवल उपयुक्‍त चिन्‍हित किये गये पदों की रिक्‍तियों के आधार पर ही किया जाएगा। अधिष्‍ठानों में समूह क पदों और समूह ख पदों के लिए रखे गये रोस्‍टरों में चिन्‍हित चिन्‍हित किये गये पदों में होने वाली सीधी भर्ती की सभी रिक्‍तियों की प्रविष्‍ट की जाएगी और ऊपर वर्ण्‍शित तरीके के अनुसार ही आरक्षण लागू किया जायेगा।

15. सीधी भर्ती के मामले में आरक्षण की आपसी अदला-बदली और अग्रनीत किया जाना- इस संबंध में आदेश पृथक से निर्गत किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

16. पदोन्नति के मामले में विचारण क्षेत्र परस्पर आदान-प्रदान और अग्रनीत आरक्षण-

(क) आरक्षित रिक्‍तियों को योग्‍यता के माध्‍यम से पदोन्‍नति द्वारा भरते समय सामान्‍य विचारण के क्षेत्र में आने वाले विकलांग उम्‍मीदवारों की पदोन्‍नति पर विचार किया जाएगा। जहां सामान्‍य विचारण क्षेत्र में विकलांगों की उपयुक्‍त श्रेणी के विकलांग उम्‍मीदवार पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध नहीं होते, वहां विचारण क्षेत्र रिक्‍तियों की संख्‍या का पांच गुना बढ़ा दिया जाएगा और बढ़ाये गये विचारण क्षेत्र में आने वाले विकलांग उम्‍मीदवारों पर विचार किया जाएगा। यदि बढ़ाये गये विचारण क्षेत्र में भी उम्‍मीदवार उपलब्‍ध नहीं हों तो यदि सम्‍भव हो तो आरक्षण की अदला-बदली की जा सकती है ताकि पद को विकलांगता की अन्‍य श्रेणी के उम्‍मीदवार द्वारा भरा जा सके। यदि आरक्षण द्वारा पद को भरा जाना सम्‍भव नहीं हो तो पद को विकलांग व्‍यक्‍ति के अतिरिक्‍त किसी अन्‍य व्‍यक्‍ति द्वारा भरा जाए तथा आरक्षण को अगले तीन भर्ती वर्षों तक अग्रनीत कर दिया जाय जिसके बाद वह समाप्‍त हो जाएगा।

(ख) अनुपयुक्‍तों को अस्‍वीकार करते हुए ज्‍येष्‍ठता के आधार पर पदोन्‍नति द्वारा भरे जाने वाले पदों में विकलांगता से ग्रस्‍त पात्र उम्‍मीदवारों को आरक्षित रिक्‍तियों पर पदोन्‍नति देने पर विचार किया जाएगा। यदि विकलांगता की उपयुक्‍त श्रेणी का कोई पात्र उम्‍मीदवार उपलब्‍ध नहीं होता है तो रिक्‍ति को विकलांगता की अन्‍य श्रेणी जिसके लिए पद को उपयुक्‍त चिन्‍हित किये गये हों, के साथ अदला-बदला जा सकता है। यदि अदला-बदली करके भी आरक्षण द्वारा पद को भरा जाना सम्‍भव नहीं है तो आरक्षण को अगले तीन वर्षों तक अग्रनीत किया जाएगा जिसके बाद यह समाप्‍त हो जाएगा।

17. विकलांग व्यक्तियों के लिए होरिजेन्टल आरक्षण

पिछड़े वर्गों के नागरिकों (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों) के लिए आरक्षण को वर्टिकल आरक्षण कहा जाता है और विकलांग व्‍यक्‍तियों और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण को होरिजेंटल आरक्षण कहा जाता है। होरिजेंटल आरक्षण और वर्टिकल आरक्षण आपस में गिल जाते हैं। (जिसे इंटरलांकिंग आरक्षण कहा जाता है) और विकलांग व्‍यक्‍तियों के लिए निर्धारित कोटे में से चुने गये व्‍यक्‍तियों को अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के आरक्षण के लिऐ बनाये गये रोस्‍टर में उनकी श्रेणी के आधार पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्‍य पिछड़े वर्ग/सामान्‍य श्रेणी की उपयुक्‍त श्रेणी में रखा जाता है। उदाहरणत: यदि किसी दिये गये वर्ष में विकलांग व्‍यक्‍तियों के लिए दो रिक्‍तियां आरक्षित हैं और नियुक्‍त किये गये दो विकलांग व्‍यक्‍तियों में से एक व्‍यक्‍ति अनुसूचित जाति का है और दूसरा सामान्‍य श्रेणी का है तो अनुसूचित जाति के विकलांग उम्‍मीदवार को आरक्षण रोस्‍टर में अनुसूचित जाति के बिन्‍दु पर समायोजित किया जाएगा और सामान्‍य उम्‍मीदवार को संगत आरक्षण रोस्‍टर में अनारक्षित बिन्‍दु पर रखा जाएगा। यदि अनुसूचित जाताियों के लिए आरक्षित बिन्‍दु पर कोई भी रिक्‍ति नहीं होती है तो अनुसूचित जाति का विकलांग उम्‍मीदवार भविष्‍य में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित अगली उपलब्‍ध रिक्‍ति पर समायोजित किया जाएगा।

18. चूंकि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए बनाये गये आरक्षण रोस्‍टर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़े वर्ग/सामान्‍य श्रेणी में उपयुक्‍तत: रखा जाना होता है अत: विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित कोटे के अन्‍तर्गत पद के लिए आवेदन करने वाले उम्‍मीदवारों को अपने आवेदन पत्र में यह दर्शाना अपेक्षित होगा कि वे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़े वर्ग अथवा सामान्‍य श्रेणी में से किस श्रेणी से सम्‍बद्ध हैं।

19. आयु सीमा में छूट

(i) विकलांग व्‍यक्‍तियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्‍ति हेतु अधिकतम आयु सीमा से छूट संबंधी पूर्व निर्गत शासनादेश संख्‍या-16/2/1973-का-2 दिनांक 25 जनवरी, 1980 को संशोधित करते हुए नवीन शासनादेश संख्‍या-18/1/2008(ii)/का-2 दिनांक 03 फरवरी, 2008 निर्गत कर दिया गया है। परिणामत: भविष्‍य में विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को राज्‍याधीन समूह क तथा ख और समूह ग तथा घ की सेवाओं में अधिकतम आयु सीमा में 15 वर्ष की छूट अनुमन्‍य होगी।

(ii) आयु सीमा में उक्‍त छूट लागू रहेगी भले ही पद आरक्षित हो अथवा नहीं बशर्तें कि पद विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त चिन्‍हित किया गया हो।

20. उपयुक्तता मानदण्डों में छूट

यदि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित सभी रिक्‍तियों को भरने के लिए सामान्‍य मानदण्‍डों के आधार पर इस श्रेणी के उम्‍मीदवार पर्याप्‍त संख्‍या में उपलब्‍ध नहीं होते हैं, तो इनके लिए आरक्षित शेष रिक्‍तियों को भरने के लिए मानदण्‍डों में ढील देकर इस श्रेणी के उम्‍मीदवारों का चयन किया जाय बशर्ते कि वे ऐसे पद अथवा पदों के लिए अनुपयुक्‍त न हों। इस प्रकार यदि विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित सभी रिक्‍तियों को सामान्‍य मानदण्‍डों के आधार पर नहीं भरा जा सके तो आरक्षित कोटा में कमी को पूरा करने के लिए इन श्रेणियों के उम्‍मीदवारों का मानदण्‍डों को शिथिल करके चयन कर लिया जाय बशर्ते कि विचाराधीन पद/पदों पर नियुक्‍ति हेतु ये उम्‍मीदवार उपयुक्‍त पाये जायें।

21. स्वास्थ् परीक्षा

पद से संबंधित संगत सेवा नियमावली के संबंधित नियम के अनुसार सरकारी सेवा में प्रवेश करने वाले प्रत्‍येक नये व्‍यक्‍ति को अपनी प्रारम्‍भिक नियुक्‍ति के समय सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया स्‍वास्‍थ्‍य उपयुक्‍तता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करना अपेक्षित होता है। विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति की एक विशिष्‍ट प्रकार की विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति द्वारा धारित किये जाने हेतु उपयुक्‍त समझे गये पद पर नियुक्‍ति हेतु स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण के मामले में संबंधित चिकित्‍साधिकारी अथवा बोर्ड को इस संबंध में यह पूर्व सूचित किया जाएगा कि यह पद संगीत श्रेणी की विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति द्वारा धारित किये जाने के लिए उपयुक्‍त पाया गया है और तब उम्‍मीदवार का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखकर किया जाएगा।

22. परीक्षा शुल् और आवेदन शुल् से छूट

विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों को विभिन्‍न पदों पर भर्ती हेतु उ.प्र. लोक सेवा आयोग, आदि द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में विहित आवेदन शुल्‍क और परीक्षा शुल्‍क के भुगतान से छूट प्राप्‍त होगी। यह छूट केवल उन्‍हीं व्‍यक्‍तियों को उपलब्‍ध होगी जो अन्‍यथा इस पद के लिए निर्धारित चिकित्‍सकीय उपयुक्‍तता के मानदण्‍ड के आधार पर नियुक्‍ति के पात्र होते (विकलांग व्‍यक्‍तियों को दी गयी किन्‍हीं विशिष्‍ट छूटों सहित) और जो अपनी विकलांगता की दावेदारी की पुष्‍टि के लिए किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अपेक्षित प्रमाण-पत्र आने आवेदन पत्र के साथ संलग्‍न करते हैं।

23. रिक्तियों हेतु नोटिस

किसी निर्धारित पद पर विकलांग व्‍यक्‍तियों को नियुक्‍ति का उचित अवसर प्रदान करना सुनिश्‍चित करने के क्रम में रोजगार केन्‍द्रों उ.प्र. लोक सेवा आयोग आदि को नोटिस भेजते समय तथा ऐसी रिक्‍तियों की विज्ञप्‍ति करते समय निम्‍नलिखित बातें ध्‍यान में रखी जाय:-

(i) अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/अन्‍य पिछड़ा वर्ग/भूतपूर्व-सैनिक/दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि की विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों/श्रवणहा्रस की विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों/चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात (फालिज) से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों हेतु आरक्षित रिक्‍तियों की संख्‍या स्‍पष्‍टत: दर्शायी जानी चाहिए।

(ii) विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए चिव्‍हित किये गये पदों की रिक्‍तियों के मामले में यह दर्शाया जाय कि संबंधित पद दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि से ग्रस्‍त विकलांगता श्रवणहा्रस की विकलांगता तथा चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता की विकलांगता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों जैसा भी मामला हो के लिए चिव्‍हित किया गया है और उपयुक्‍त श्रेणी/श्रेणियों से संबंधित विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति जिनके लिए पद उपयुक्‍त पहचाना गया है, आवेदन करने की अनुमति है भले ही उनके लिए कोई रिक्‍ति आरक्षित हो या न हो। ऐसे उम्‍मीदवारों को योग्‍यता के सामान्‍य मानकों द्वारा ऐसे पदों पर नियुक्‍ति हेतु चुने जाने के लिए विचार किया जाएगा।

(iii) ऐसे पदों में रिक्‍तियों के मामलों में जिन्‍हें विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए चिन्‍हित किया गया हो, चाहें रिक्‍तियां आरक्षित हों या न हों, यह उल्‍लेख किया जाय कि सम्‍बद्ध पद सम्‍बद्ध विकलांगता की श्रेणियों तथा दृष्‍ठिहीनता या कम दृष्‍टि से ग्रस्‍त विकलांगता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात तथा चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता की विकलांगता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात के लिए उपयुक्‍त पहाना गया है। पद के कार्यात्‍मक वर्गीकरण तथा ऐसे पद के संबंध में कार्य निष्‍पादन हेतु शारीरिक अपेक्षाओं को भी स्‍पष्‍टत: दर्शाया जाय।

(iv) यह भी दर्शाया जाय कि संगत विकलांगता के क्रम से कम 40 प्रतिशत रूप से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति ही आरक्षण के लाभ हेतु पात्र होंगे।

24. मांगकर्ता प्राधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र

विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों हेतु आरक्षण के प्राविधानों का सही-सही कार्यान्‍वयन सुनिश्‍चित करने के क्रम में मांगकर्ता प्राधिकारी उ.प्र. लोक सेवा आयोग आदि के माध्‍यम से अथवा अन्‍य रीति से पदों को भरने हेतु मांग पत्र भेजते समय निम्‍नलिखित प्रमाणपत्र प्रस्‍तुत करेंगे-

यह प्रमाणित किया जाता है कि यह मांग-पत्र भेजते समय उ.प्र. लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993 यथा संशोधित तथा विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के आरक्षण से संबंधित नीति का ध्‍यान रखा गया है। इस मांग पत्र में सूचित उपर्युक्‍त रिक्‍तियाँ 100 बिन्‍दु आरक्षण रोस्‍टर के चक्र संख्‍या...........के बिन्‍दु संख्‍या.........पर आती है और उनमें से............रिक्‍तियां विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों के लिए आरक्षित हैं।

25. विकलांगता से ग्रस् व्यक्तियों के अभ्यावेदनों से संबंधित वार्षिक रिपोर्ट

(i) प्रत्‍येक वर्ष की प्रथम जनवरी के तत्‍काल पश्‍चात प्रत्‍येक नियुक्‍ति प्राधिकारी अपने प्रशासनिक विभागों को निम्‍नलिखित रिपोर्ट भेजेंगे:-

(क) अनुलग्‍नक-iii) में दिये गये निर्धारित प्रोफार्मा में पी.डब्‍ल्‍यू.डी. रिपोर्ट-i)जिसमें वर्ष की प्रथम जनवरी को कर्मचारियों की कुल संख्‍या ऐसे पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्‍या जिन्‍हें विकलांग व्‍यक्‍तियों के लिए उपयुक्‍त चिन्‍हित किये गये हों तथा दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि से ग्रस्‍त विकलांगता श्रवणहा्रस की विकलांगता तथा चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता की विकलांगता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों की संख्‍या को प्रदर्शित किया जाएगा।

(ख) निर्धारित प्रोफार्मा (अनुलग्‍नक-iv) में पी.डब्‍ल्‍यू.डी. रिपोर्ट-ii)जिसमें पिछले कैलेण्‍डर वर्ष में दृष्‍टिहीनता या कम दृष्‍टि से ग्रस्‍त विकलांगता, श्रवणहा्रस की विकलांगता तथा चलनक्रिया संबंधी नि:शक्‍तता की विकलांगता या प्रमस्‍तिष्‍कीय अंगघात से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों हेतु आरक्षित रिक्‍तियों की संख्‍या तथा वस्‍तुत: नियुक्‍त किये गये ऐसे व्‍यक्‍तियों की संख्‍या को दर्शाया जाएगा।

(ii) प्रशासनिक विभाग, उनके अन्‍तर्गत आने वाले सभी नियुक्‍ति प्राधिकारियों से मिलने वाली जानकारी की जांच करेंगे तथा उनके अधीन सभी संबद्ध तथा अधीनस्‍थ कार्यालयों की जानकारी सहित संबंधित विभाग के संबंध में पी.डब्‍ल्‍यू.डी. रिपोर्ट-i)तथा पी.डब्‍ल्‍यू.डी. रिपोर्ट-ii)को निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर प्रत्‍येक वर्ष के 31 मार्च तक विकलांग कल्‍याण विभाग को भिजवाएंगे।

(iii) विकलांग कल्‍याण विभाग को उपर्युक्‍त रिपोर्ट भेजते समय निम्‍नलिखित बातें ध्‍यान में रखी जायें-

(क) विकलांग कल्‍याण विभाग को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सांविधिक अर्द्ध सरकारी तथा स्‍वायत्‍त निकायों के संबंध में रिपोर्ट नहीं भेजी जाए। सांविधिक अर्द्ध सरकारी तथा स्‍वायत्‍त निकाय निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर समेकित जानकारी अपने प्रशासनिक विभाग को भेजेंगे जो अपने स्‍तर पर उनकी जांच, मानीटरिंग तथा अनुरक्षण करेंगे। सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के संबंध में ऐसी जानकारी एकत्रित करना सार्वजनिक उद्यम विभाग से अपेक्षित है।

(ख) संबद्ध/अधीनस्‍थ कार्यालय केवल अपने प्रशासनिक विभागों को अपनी जानकारी भेजेंगे तथा वे इसे इस विभाग को सीधे नहीं भेजेंगे।

(ग) विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों से संबंधित आंकड़ों में आरक्षण के आधार पर नियुक्‍ति व्‍यक्‍ति एवं अन्‍यथा नियुक्‍त व्‍यक्‍ति शामिल होंगे।

(घ) विकलांगता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों (पी.डब्‍ल्‍यू.डी.) रिपोर्ट-1 का संबंध व्‍यक्‍तियों से है न कि पदों से। अत: इस रिपोर्ट को प्रस्‍तुत करते समय रिक्‍त पदों आदि को ध्‍यान में नहीं रखा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट में प्रतिनियुक्‍ति पर गये व्‍यक्‍तियों को उस विभाग/कार्यालय के अधिष्‍ठान में शामिल करना चाहिए जहां उन्‍हें लिया गया हो न कि मूल अधिष्‍ठान में। किसी एक ग्रेड में स्‍थायी किन्‍तु स्‍थानापन्‍न अथवा उच्‍च ग्रेड में अस्‍थायी रूप से नियुक्‍त व्‍यक्‍तियों को संबंधित सेवा की उच्‍च ग्रेड से संबंधित श्रेणी के आंकड़ों में शामिल किया जाएगा।

26. अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण के मामलों को देखने के लिए विभाग में नियुक्‍त नोडल अधिकारी विकलागंता से ग्रस्‍त व्‍यक्‍तियों से संबंधित आरक्षण के मामलों के लिए भी नोडल अधिकारी के रूप में भी कार्य करेंगे और इन अनुदेशों का अनुपालन सुनिश्‍चित करवाएंगे।

27. सभी विभाग अपने नियंत्रणाधीन सभी नियुक्‍ति प्राधिकारियों की जानकारी में उपर्युक्‍त अनुदेशों को लायेंगे।

बी.एन. दीक्षित

सचिव।

NAME & ADDRESS OF THE INSTITUTE/HOSPITAL

ANNEXURE

Date...............

Certificate No...........

DISABILITY CERTIFICATE

Recent photograph of the candidate showing the disability duly attested by the

Medical Board

This is certified that Shri/Smt/ Kum................................................Son/ wife/ daughter of Shri..........................................................................age.................. sex...................................identification mark (c).......................................is suffering from permanent disability of following category:

A. Locomotor or cerebral palsy:

(i) BL-Both legs affected but not arms.

(ii) BA-Both arms affected

(a) Imparied reach

(b) Weakness of grip

(iii) BLA-Both legs and both arms affected

(iv) OL-One leg affected (right or left)

(a) Imparied reach

(b) Weakness of grip

(c) Ataxic

(vi) BH-Stiff back and hips (Cannot sit or stoop)

(vii) MW-Musculer weakness and lemited physical endurance.

B. Blindness or Low Vision:

(i) B-Blind

(ii) PB- Partialy Blind

C. Hearing impairment:

(i) D-Deaf

(ii) PD- Partially Deaf

(Delete the category whichever is not applicable)

2. This condition is progressive/non-progressive/likely to improve/ not likely to improve. Re-assessment of this case is not recommended/ is recommended after a period of-----------------years-----------------months.* 3. Percentage of disability in his/her case is-------------percent.

4. Sh./Smt/Kum-------------------------meets the following physical requirements for discharge of his/her duties:

(i) F-can perform work by manipulating with fingers. Yes/No

(ii) PP-can perform work by pulling and puushing. Yes/No

(iii) L-can perform work by lifting. Yes/No

(iv) KC-can perform work by kneeling and crouching. Yes/No

(v) B-can perform work by bending. Yes/No

(vi) S-can perform work by sitting. Yes/No

(vii) ST-can perform work by standing. Yes/No

(viii) W-can perform work by walking. Yes/No

(ix) SE-can perform work by seeing. Yes/No

(x) H-can perform work by hearing/speaking. Yes/No

(xi) RW-can perform work by reading and writing. Yes/No

(Dr............)

Member

Medical Board

(Dr...........)

Member

Medical Board

(Dr.............)

Chairperson

Medical Board

Countersigned by the Medical Superintendent/CMO/Head of Hospital (with seal)

* Strike out with is not applicable