संख्‍या-वे.आ.-1-10/दस-2011-42(एम)/08

प्रेषक,

    अनूप मिश्र,

    प्रमुख सचिव, वित्‍त,

    उत्‍तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

    (1) समस्‍त विभागाध्‍यक्ष एवं प्रमुख कार्यालयाध्‍यक्ष, उत्‍तर प्रदेश।

    (2) वित्‍त अधिकारी/कुल सचिव, समस्‍त राज्‍य विश्‍वविद्यालय, उत्‍तर प्रदेश।

    (3) शिक्षा निदेशक (उच्‍च शिक्षा)/ शिक्षा निदेशक, उत्‍तर प्रदेश इलाहाबाद/लखनऊ।

    (4) निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, उत्‍तर प्रदेश, कानपुर।

    (5) निदेशक, स्‍थानीय निकाय, उत्‍तर प्रदेश-8वां तल, इन्‍दिरा भवन, लखनऊ।

    (6) समस्‍त अध्‍यक्ष, जिला पंचायतें, उत्‍तर प्रदेश।

    (7) निदेशक, पंचायती राज विभाग, उत्‍तर प्रदेश, लखनऊ।

वित्‍त (वेतन आयोग) अनुभाग-1                      

 लखनऊ : दिनांक : 15 जनवरी, 2011

विषय- राज्‍य कर्मचारियों और सहायता प्राप्‍त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्‍थाओं तथा शहरी स्‍थानीय निकायों के कर्मचारियों को महंगाई भत्‍ते का दिनांक 01-07-2010 से बढ़ी हुई दर पर भुगतान।

पठित निम्‍नलिखित-

(1) शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-1-480/दस-2010-42(एम)/08 दिनांक 19 जुलाई, 2010

(2) भारत सरकार, वित्‍त मंत्रालय, व्‍यय विभाग के कार्यालय ज्ञापन संख्‍या-1(6)/2010-संस्‍था–ii (ख), दिनांक 22 सितम्‍बर, 2010

महोदय,

    उपर्युक्‍त विषय पर मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-1-480/दस-2010-42(एम)/08, दिनांक 19-7-2010 के क्रम में राज्‍यपाल महोदय ने प्रदेश के समस्‍त पूर्णकालिक नियमित राज्‍य कर्मचारियों, सहायता प्राप्‍त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्‍थाओं तथा शहरी स्‍थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों तथा यू.जी.सी. वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों को दिनांक 01 जुलाई, 2010 निम्‍नानुसार संशोधित दर पर महंगाई भत्‍ते के भुगतान की स्‍वीकृति सहर्ष प्रदान कर दी है-

तिथि जब से देय है

महंगाई भत्‍ते की मासिक दर

01-07-2010

मूल वेतन का 45 प्रतिशत

2-   इस शासनादेश द्वारा स्‍वीकृत महंगाई भत्‍ते के संबंध में शासनादेश संख्‍या-वे.आ.-1-1599/दस-42(एम)/97, दिनांक 23 नवम्‍बर, 1998 के प्रस्‍तर-3, 5 एवं 7 में उल्‍लिखित प्राविधान यथावत लागू रह-गे।

3-   इस शासनादेश द्वारा स्‍वीकृत महंगाई भत्‍ते के आगणन हेतु 'मूल वेतन' का तात्‍पर्य दिनांक 1-1-2006 से लागू पुनरीक्षित वेतन-संरचना में कर्मचारियों को अनुमन्‍य वेतन बैंड में 'वेतन' तथा अनुमन्‍य 'ग्रेड वेतन' के योग से होगा, किन्‍तु नियत वेतनमान में अनुमन्‍य वेतन ही मूल वेतन माना जायेगा। परन्‍तु उक्‍त के अतिरिक्‍त अन्‍य प्रकार के वेतन जैसे विशेष वेतन, सीमान्‍त विशेष वेतन/भत्‍ता, वैयक्‍तिक वेतन, प्रतिनियुक्‍ति भत्‍ता/वेतन तथा अन्‍य भत्‍ते आदि भले ही वे मूल नियम के अंतर्गत वेतन की परिभाषा में आते हों, को मूल वेतन के साथ सम्‍मिलित नहीं किया जायेगा। परन्‍तु प्‍-क्‍टिस बन्‍दी भत्‍ता को 'वेतन' का अंश माना जायेगा अर्थात प्‍-क्‍टिस बन्‍दी भत्‍ता को महंगाई भत्‍ता के आगणन हेतु सम्‍मिलित किया जायेगा।

4-   महंगाई भत्‍ते को एक तरह का विशिष्‍ट घटक ही माना जायेगा तथा वित्‍तीय नियम-9(21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जायेगा।

5-   इन आदेशों द्वारा स्‍वीकृत महंगाई भत्‍ता उन कर्मचारियों/शिक्षकों को भी, जो प्रभावी तिथि को सेवारत थे किन्‍तु इस शासनादेश के जारी होने के पूर्व जिनकी सेवायें चाहे जिन कारणों से यथा अनुशासनिक कारणों से या त्‍याग-पत्र, सेवा-निवृत्‍त, मृत्‍यु या सेवा-मुक्‍त करने या स्‍वीकृत पदों की समाप्‍ति के कारण समाप्‍त हो गयी हों, सेवा-समाप्‍ति, सेवा निवृत्‍त आदि की तिथि तक अनुमन्‍य होगा।

6-   इन आदेशों द्वारा स्‍वीकृत महंगाई भत्‍ते की देय धनराशि को निकटतम एक रूपये में पूर्णांकित किया जायेगा अर्थात 50 पैसे और उससे अधिक को उच्‍चतर रूपये पर पूर्णांकित किया जायेगा और 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जायेगा।

7-   इन आदेशों द्वारा स्‍वीकृत दरों पर महंगाई भत्‍ते की दिनांक 01 जुलाई, 2010 से दिनांक 31 जनवरी, 2011 तक की देय अवशेष धनराशि अधिकारी/कर्मचारी के भविष्‍य निधि खाते में, अवशेष धनराशि पर देय आयकर एवं सरचार्ज की कटौती की सुविधा के अधीन जमा की जायेगी और इस प्रकार जमा धनराशि को भविष्‍य निधि खाते में दिनांक 01 फरवरी, 2011 से जमा माना जायेगा और इस तिथि से उक्‍त धनराशि पर ब्‍याज भविष्‍य निधि पर लागू दर से देय होगा। इस प्रकार भविष्‍य निधि खाते में जमा की गई अवशेष धनराशि दिनांक 28 फरवरी, 2012 तक संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खाते में जमा रहेगी और इसे उन मामलों को छोड़कर जिनमें भविष्‍य निधि नियमों के अंतर्गत अंतिम प्रत्‍याहरण (final withdral) देय हो जाय, उक्‍त तिथि से पूर्व नहीं निकाला जा सकेगा। इन आदेशों द्वारा स्‍वीकृत महंगाई की बढ़ी हुई धनराशि का भुगतान, दिनांक 01 फरवरी, 2011 से (माह फरवरी, 2011 का भुगतान दिनांक 01 मार्च, 2011 को देय) नकद किया जायेगा। वसे अधिकारी/कर्मचारी जिनका भविष्‍य निधि खाता न खुला हो, उनको देय अवशेष नेशनल सेविंग सर्टिफकेट (एन.एस.सी.) के रूप में दिया जायेगा, परन्‍तु धनराशि के जिस अंश का सर्टिफकेट उपलब्‍ध न हो वह उसे नकद दी जायेगी। महंगाई भत्‍ते की सामान्‍य भविष्‍य निधि लेखा में जमा की जाने वाली अवशेष धनराशि से संबंधित बिल/शेड्यूल/चालान पर शासनादेश संख्‍या-सा-4-12/दस-97-500(1)/97, दिनांक 7-10-1997 में निहित आदेशानुसार निर्धारित मोहर लगायी जानी चाहिए।

8-  जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवायें इस शासनादेश के जारी होने की तिथि से पूर्व समाप्‍त हो गई हो अथवा जो अधिकारी/कर्मचारी अधिवर्षिता की आयु प्राप्‍त कर दिनांक 01 जुलाई, 2010 से शासनादेश निर्गत होने की तिथि तक सेवानिवृत्‍त हो गये हों अथवा 06 माह के अन्‍दर सेवानिवृत्‍त होने वाले हों, उनको देय महंगाई भत्‍ते के बकाये की सम्‍पूर्ण धनराशि का भुगतान नकद किया जायेगा।

भवदीय,

(अनूप मिश्र)

प्रमुख सचिव।